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himalaya

दूसरों के दुःख : Others’ Sorrows

हिमालय के पर्वतों पर कहीं एक ज्ञानी महात्मा रहते थे. अनुयाइयों और श्रृद्धालुओं द्वारा बहुत तंग किये जाने के कारण उन्होंने पर्वतों पर ही एकाकी और सरल जीवन व्यतीत करना बेहतर समझा. लेकिन उसकी प्रसिद्धि इतनी अधिक थी कि उनके दर्शनों के लिए लोग नदियाँ और घाटियाँ पार करके चले आते. लोग यह मानते थे कि महात्मा उन्हें दुखों और समस्याओं से छुटकारा दिला सकते हैं. ऐसे ही कुछ श्रृद्धालुओं को महात्मा ने तीन दिनों तक खाली बैठाकर इंतज़ार कराया. इस बीच और भी लोग आ पहुंचे. जब वहां और लोगों के लिए जगह नहीं बची तो … [Read More...]

Paulo Coelho

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भले आदमी की परछांई : The Shadow of a Noble Man

बहुत पुरानी बात है. कहीं एक भला आदमी रहता था जो सभी से असीम प्रेम करता था और सारे जीवों के प्रति उसके ह्रदय में अपार करुणा थी. उसके गुणों से प्रसन्न होकर ईश्वर ने उसके पास अपना देवदूत भेजा. "ईश्वर ने … [Read More...]

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बेल्ट – Belt

82 वर्षीय वांग त्सिंग अर्जेंटीना में रहते हैं और इस उम्र में भी युवाओं को चीनी मार्शल आर्ट “ताई ची” सिखाते हैं. ताई ची एक प्राचीन मार्शल आर्ट है, जिसमें अनेक शारीरिक क्रियाएं करते समय सांस पर नियंत्रण … [Read More...]

Osho Stories

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प्रार्थना : प्रेम और समर्पण

प्रार्थना क्या है? - प्रेम और समर्पण. जहां प्रेम नहीं है, वहां प्रार्थना नहीं है. प्रेम के स्मरण में एक अद्भुत घटना का उल्लेख है. नूरी, रक्काम एवं कुछ अन्य सूफी फकीरों पर काफिर होने का आरोप लगाया गया … [Read More...]

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मीठा-नमकीन : Sugar-salt

मैंने एक बहुत पुरानी कहानी सुनी है... यह यकीनन बहुत पुरानी होगी क्योंकि उन दिनों ईश्वर पृथ्वी पर रहता था. धीरे-धीरे वह मनुष्यों से उकता गया क्योंकि वे उसे बहुत सताते थे. कोई आधी रात को द्वार खटखटाता … [Read More...]

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सद्गुणों में संतुलन

एक दिन एक धनी व्यापारी ने लाओ-त्ज़ु से पूछा - "आपका शिष्य येन कैसा व्यक्ति है?" लाओ-त्ज़ु ने उत्तर दिया - "उदारता में वह मुझसे श्रेष्ठ है।" "आपका शिष्य कुंग कैसा व्यक्ति है?" - व्यापारी ने फ़िर … [Read More...]

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The Coffin – ताबूत

एक किसान इतना बूढा हो चुका था कि उससे खेत में काम करते नहीं बनता था। हर दिन वह धीरे-धीरे चलकर खेत को जाता और एक पेड़ की छाँव में बैठा रहता। उसका बेटा खेत में काम करते समय अपने पिता को पेड़ के नीचे … [Read More...]

इंसानियत का सबक

हज़रत खलील बहुत दयालु और दानी थे। जब तक वह किसी भूखे को खाना नहीं खिला देते थे तब तक वह स्वयं कुछ नहीं खाते थे। एक बार दो-तीन दिनों तक कोई याचक उनके घर नहीं आया। वह बड़े परेशान हुए और किसी भूखे … [Read More...]

स्वर्ग और नर्क : Heaven and Hell

नोबुगिशे नामक एक सैनिक ज़ेन गुरु हाकुइन के पास आया और उसने उनसे पूछा - "क्या स्वर्ग और नर्क वास्तव में होते हैं?" "तुम कौन हो"? - हाकुइन ने पूछा। सैनिक ने उत्तर दिया - "मैं समुराई हूँ"। "तुम सैनिक … [Read More...]

The Prodigal Son – पिता और पुत्र

बहुत समय पहले एक नगर में एक बहुत धनी सेठ रहता था। उसके पास कई मकान और सैंकड़ों खेत थे। सेठ का इकलौता पुत्र किशोरावस्था में ही घर छोड़कर भाग गया और किसी दूसरे नगर में जाकर छोटा-मोटा काम करके जीवन … [Read More...]

पिकासो के रोचक संस्मरण – भाग 2

पाब्लो पिकासो की महान सफलता उनके स्कूल शिक्षकों के लिए बहुत बड़ा आघात थी. पिकासो ने दस वर्ष की अवस्था में स्कूल छोड़ दिया था क्योंकि उन्हें पढने-लिखने में दिक्कत होती थी. वे वर्णमाला के अक्षर याद नहीं … [Read More...]