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water glass

असंतोष का उपचार कैसे करें?

"तृष्णा से बड़ा पाप कोई नहीं है, असंतोष से बड़ा श्राप कोई नहीं है, कुछ पास न होने से बड़ा संताप कोई नहीं है। जिसने भी यह जाना कि उसके पास जितना है बहुत है, उसके पास सदैव बहुत ही रहेगा" - लाओ-त्ज़ु मैं कल अपनी एक परिचित से बात कर रहा था। बाहर से देखें तो लगता है कि उसके पास सब कुछ है: … [Read More...]

Paulo Coelho

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The Old Laws – प्राचीन प्रथा

मरू-प्रदेश की भूमि में बहुत कम फल उपजते थे. अतः ईश्वर ने अपने पैगंबर को पृथ्वी पर यह नियम पहुंचाने के लिए कहा, "प्रत्येक व्यक्ति दिन में केवल एक ही फल खाए". लोगों में मसीहा की बात मानी और दिन में केवल … [Read More...]

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Narcissus – नरगिस की कहानी

अल्केमिस्ट ने वह किताब पढ़ने के लिए उठाई जिसे कारवां में कोई अपने साथ लाया था. पन्ने पलटने पर उसे किताब में नारसिसस की कहानी दिखी. अलकेमिस्ट को नारसिसस की कहानी के बारे में पता था. नारसिसस एक युवक था … [Read More...]

Osho Stories

संयम और संगीत ही साधना है

सुबह जा चुकी है. धूप गर्म हो रही है और मन छाया में चलने को है. एक वृद्ध अध्यापक आये हें. वर्षों से साधना में लगे हैं. तन सूख कर हड्डी हो गया है. आंखें धूमिल हो गयी हैं और गड्ढों में खो गयी हैं. लगता … [Read More...]

Jonaid and a Barber – प्रत्येक घटना कुछ-न-कुछ सिखाती है

आंखें खुली हों, तो पूरा जीवन ही विद्यालय है. और जिसे सीखने की भूख है, वह प्रत्येक व्यक्ति और प्रत्येक घटना से सीख लेता है. और स्मरण रहे कि जो इस भांति नहीं सीखता है, वह जीवन में कुछ भी नहीं सीख पाता. … [Read More...]

चम्मच : Spoons

एक संतपुरुष और ईश्वर के मध्य एक दिन बातचीत हो रही थी। संत ने ईश्वर से पूछा - "भगवन, मैं जानना चाहता हूँ कि स्वर्ग और नर्क कैसे दीखते हैं।" ईश्वर संत को दो दरवाजों तक लेकर गए। उन्होंने संत को पहला … [Read More...]

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घृणा

एक ज़ेन संन्यासी ने अपने गुरु से पूछा, "हमें अपने शत्रुओं से कैसा व्यवहार करना चाहिए?" गुरु ने कहा, "तुम अपने शत्रुओं से केवल घृणा ही कर सकते हो?" शिष्य ने अचरज से कहा, "ऐसा कहकर क्या आप घृणा का … [Read More...]

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Zun-nun’s Story – लिबास

बहुत पुरानी बात है. मिस्र देश में एक सूफी संत रहते थे जिनका नाम ज़ुन्नुन था. एक नौजवान ने उनके पास आकर पूछा, "मुझे समझ में नहीं आता कि आप जैसे लोग सिर्फ एक चोगा ही क्यों पहने रहते हैं!? बदलते वक़्त के … [Read More...]

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लक्ष्य पर दृष्टि और मन में आत्मविश्वास

चार जुलाई, १९५२ को फ्लोरेंस चैडविक कैटेलिना चैनल को तैर कर पार करनेवाली पहली महिला बनने जा रही थी. इंग्लिश चैनल पर वह पहले ही विजय प्राप्त कर चुकी थी. पूरी दुनिया इस करिश्मे को देख रही थी. हड्डियाँ … [Read More...]

रमानाथ अवस्थी – कविता – जिसे नहीं कुछ चाहिए

जिसे नहीं कुछ चाहिए, वही बड़ा धनवान। लेकिन धन से भी बड़ा, दुनिया में इन्सान। चारों तरफ़ मची यहाँ भारी रेलमपेल। चोर उचक्के खुश बहुत, सज्जन काटें जेल। मतलब की सब दोस्ती देख लिया सौ बार। काम बनाकर हो … [Read More...]