संकल्प : Resolve


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बहुत समय पहले की बात है. जापान में एक युवा समुराई रहता था जो अपनी मंगेतर से बहुत प्रेम करता था. एक दिन जब उसकी मंगेतर जंगल से गुज़र रही थी, तब एक आदमखोर बाघ ने उसपर प्राणघातक हमला कर दिया. समुराई ने अपनी प्रेयसी को बचाने के भरसक प्रयास किए उसकी मृत्यु हो गई.
दुःख में आकंठ डूबे समुराई ने यह संकल्प लिया कि वह अपनी प्रिया की असमय मृत्यु का प्रतिशोध लेगा और उस बाघ को खोजकर खत्म कर देगा.
इस प्रकार समुराई अपने धनुष-बाण लेकर गहरे जंगल में चला गया और बहुत लंबे समय तक उस बाघ की खोज करता रहा. एक दिन उसे वह एक बाघ कुछ दूरी पर सोता दिखाई दिया. समुराई उसे देखकर समझ गया कि उसी बाघ ने उसकी प्रेयसी के प्राण लिए थे.
उसने अपना धनुष उठाया और निशाना लगाकर बाण छोड़ दिया. बाण बिजली की गति से छूटकर बाघ के शरीर को भेद गया. प्रत्यंचा पर दूसरा बाण चढ़ाकर वह बाघ की मृत्यु सुनिश्चित करने के लिए सतर्कतापूर्वक उसकी ओर बढ़ा… लेकिन वह यह देखकर अचंभित था कि उसके तीर ने किसी बाघ को नहीं बल्कि उसके जैसे दिखनेवाले धारीदार पत्थर को भेद दिया था!
इस घटना का बाद गांव में हर ओर उसकी धनुर्विद्या की चर्चा थी… कि उसने किस तरह एक पत्थर को तीर से भेद दिया, और लोग उसकी परीक्षा लेना चाहते थे.
लेकिन अनेक बार प्रयास करने के बाद भी समुराई के तीर चट्टानों और पत्थरों से टकराकर टूटते रहे. वह उन्हें भेदने का करिश्मा दुहरा नहीं सका.
क्योंकि इस बार समुराई जानता था कि वह पत्थर पर तीर चला रहा है. विगत में उसका संकल्प इतना गहन था कि वह वास्तव में पत्थर को तीर से भेद सका. परिस्तिथियों के बदलते ही उसका अद्भुत कौशल लुप्त हो गया.

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A long time ago there was a young samurai and his fiance who were deeply in love. One day his fiance was walking through the forest when she was attacked and seriously mauled by a man-eating tiger! No matter what the young samurai did, nothing could save her… and she died
From the depths of his sorrow he vowed to revenge his beloved, by seeking out the tiger and killing it.
So he took his bow and arrow and sought out into the forest, month after month in search of the man-eating beast. Searching daily in the forest, the samurai finally saw a sleeping tiger in the distance and concluded that this must be the tiger responsible for the death of his lover!
He drew his bow, took careful aim and released the arrow which found its mark and pierced the tiger’s body deeply. Drawing and mounting another arrow he slowly approached the motionless creature to confirm the kill… only to find his arrow stuck deeply into a striped colored stone which happened to resemble that of a sleeping tiger!
After this, everyone in the village began to talk about how strong he was, because he could pierce a stone with his arrow, and people became determined to test him. However, regardless of how many times he attempted to repeat the undertaking his arrows kept bouncing off the rock.
This was because he now realized that his target is only a stone. In the past his resolve had been so profound that he was actually able to physically pierce a stone with his arrow. However, now under different circumstances, he was unable to repeat the same feat.

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To the Living : जीवन के प्रति


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किसी ने दलाई लामा से पूछा, “मनुष्यों के संबंध में वह कौन सी चीज़ है जो आपको सबसे अधिक आश्चर्यचकित करती है?”
दलाई लामा ने कहा. “स्वयं मनुष्य…
क्योंकि वह पैसे कमाने के लिए अपने स्वास्थ्य को गंवाता है.
फिर वह उसी पैसे से अपने स्वास्थय को संजोने का प्रयास करता है.
वह अपने भविष्य को लेकर इतना चिंतित रहता है कि वर्तमान को ठीक से नहीं जी पाता है.
इसके फलस्वरूप वह न तो वर्तमान में और न भविष्य में ही सुखपूर्वक जीता है,
वह ऐसे जीता है जैसे उसे कभी नहीं मरना है, और पूरी तरह जिए बिना ही मर जाता है”

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The Dalai Lama, when asked what surprised him most about humanity, he said:
“Man.
Because he sacrifices his health in order to make money.
Then he sacrifices money to recuperate his health.
And then he is so anxious about the future that he does not enjoy the present;
the result being that he does not live in the present or the future;
he lives as if he is never going to die, and then dies having never really lived.”

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आलू, अंडे, और कॉफ़ी – Potatoes, Eggs, and Coffee


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बुरे दिनों के दौरान एक बेटी ने अपने पिता से कहा, “ये समय कितना कठिन है! मैं अब बहुत थक गई हूं, भीतर-ही-भीतर टूट गई हूं. जब तक हम एक मुसीबत से दो-चार होते हैं तब तक नई मुसीबतें मुंह बाए खड़ी हो जाती हैं. ऐसा कब तक चलेगा?”

पिता किसी जगह खाना बनाने का काम करता था. वह बिना कुछ बोले उठा और उसने सामने रखे चूल्हे पर तीन बर्तनों में पानी भरकर तेज आंच पर चढ़ा दिया.

जब पानी उबलने लगा, उसने एक बर्तन में आलू, दूसरे में अंडे, और तीसरे बर्तन में कॉफ़ी के बीज डाल दिए. फिर वह चुपचाप अपनी कुर्सी तक आकर बेटी की बातें सुनने लगा. वह वाकई बहुत दुखी थी और यह समझ नहीं पा रही थी कि पिता क्या कर रहे हैं.

कुछ देर बाद पिता ने बर्नर बंद कर दिए और आलू और अंडे को निकालकर एक प्लेट में रख दिया और एक कप में कॉफ़ी ढाल दी. फिर उसने अपनी बेटी से कहाः

“अब तुम बताओ कि ये सब क्या है?”

बेटी ने कहा, “आलू, अंडे और कॉफ़ी ही तो है. और क्या है?”

“नहीं, इन्हें करीब से देखो, छूकर देखो”, पिता ने कहा.

बेटी ने आलू को उठाकर देखा, वे नरम हो गए थे. अंडा पानी में उबलने पर सख्त हो गया था और कॉफ़ी से तरोताज़ा कर देने वाली महक उठ रही थी.

“लेकिन मैं समझी नहीं कि आप क्या बताना चाह रहे हैं”, उसने कहा.

पिता ने उसे समझाया, “मैंने आलू, अंडे और कॉफ़ी को एक जैसी यंत्रणा याने खौलते पानी से गुज़ारा, लेकिन इनमें से हर एक ने उसका सामना अपनी तरह से किया. आलू पहले तो कठोर और मजबूत थे, लेकिन खौलते पानी का सामना करने पर वे नर्म-मुलायम हो गए. वहीं दूसरी ओर, अंडे नाज़ुक और कमज़ोर थे और इनका पतला छिलका भीतर की चीज़ को बचाए रखता था. खौलते पानी ने उसको ही कठोर बना दिया. अब कॉफ़ी, इसका मामला सबसे जुदा है. उबलते पानी का साथ पाकर इन्होंने उसे ही बदल डाला. इन्होंने पानी को एक ऐसी चीज़ में रूपांतरित दिया जो तुम्हें खुशनुमा अहसास से सराबोर कर देती है.”

“अब तुम मुझे बताओ”, पिता ने पूछा, “जब मुसीबतें तुम्हारा द्वार खटखटाती हैं तो तुम क्या जवाब देती हो? तुम इन तीनों में से क्या हो?”

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Once upon a time a daughter complained to her father that her life was miserable and that she didn’t know how she was going to make it. She was tired of fighting and struggling all the time. It seemed just as one problem was solved, another one soon followed. Her father, a chef, took her to the kitchen. He filled three pots with water and placed each on a high fire.

Once the three pots began to boil, he placed potatoes in one pot, eggs in the second pot and ground coffee beans in the third pot. He then let them sit and boil, without saying a word to his daughter. The daughter, moaned and impatiently waited, wondering what he was doing. After twenty minutes he turned off the burners. He took the potatoes out of the pot and placed them in a bowl. He pulled the eggs out and placed them in a bowl. He then ladled the coffee out and placed it in a cup.

Turning to her, he asked. “Daughter, what do you see?”

“Potatoes, eggs and coffee,” she hastily replied.

“Look closer”, he said, “and touch the potatoes.” She did and noted that they were soft.
He then asked her to take an egg and break it. After pulling off the shell, she observed the hard-boiled egg. Finally, he asked her to sip the coffee. Its rich aroma brought a smile to her face.

“Father, what does this mean?” she asked.

He then explained that the potatoes, the eggs and coffee beans had each faced the same adversity-the boiling water. However, each one reacted differently. The potato went in strong, hard and unrelenting, but in boiling water, it became soft and weak. The egg was fragile, with the thin outer shell protecting its liquid interior until it was put in the boiling water. Then the inside of the egg became hard. However, the ground coffee beans were unique. After they were exposed to the boiling water, they changed the water and created something new.

“Which one are you?” he asked his daughter. “When adversity knocks on your door, how do you respond? Are you a potato, an egg, or a coffee bean?”

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मोटापा कम करने के उपाय – How to Get Rid of Fat


How-to-Reduce-Belly-Fat

मोटापा या शरीर पर जमा चर्बी घटाना बहुत कठिन काम लगता है. मोटापा कई कारणों से होता है जिनमें आनुवांशिकता भी शामिल है लेकिन कुछ साधारण उपायों को आजमाने से इसे घटाने में सफलता मिल सकती हैः

1. सुबह-सवेरे नींबू का रस पिएं - यह मोटापा घटाने का अच्छा उपाय है. कुनकुने पानी में नींबू निचोड़कर उसमें ज़रा सा नमक या एक चम्मच शहद मिला लें. मेटाबोलिज़्म सुधारने के लिए इसे रोज़ पीजिए और आपको कुछ समय में फ़र्क दिखने लगेगा।

2. चावल-मैदा कम खाएं - आटे या कुछ अन्य अनाज जैसे ब्राउन राइस की तुलना में चावल और मैदा में अधिक कैलोरी होती है और यह मोटापा बढ़ाते हैं. इसी तरह साधारण व्हाइट ब्रेड की जगह ब्राउन ब्रेड, आटा ब्रेड, व्होल ग्रेन, ओट्स आदि कई मोटे अनाज अधिक उपयुक्त हैं.

3. चीनी कम करें - मिठाइयां, टॉफी, शीतल पेय और तले हुए भोजन से दूर रहें. अतिरिक्त शर्करा लेने से मिलनेवाली कैलोरी चर्बी के रूप में पेट और जांघों को भारी बना देती है.

4. भरपूर पानी पिएं - यदि आप मोटापे को बढ़ने से रोकना चाहते हैं तो दिन भर में खूब पानी पिएं. पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से मेटाबोलिज़्म सही रहता है और शरीर से टॉक्सिन निकलते रहते हैं.

5. कच्चा लहसुन खाएं - सुबह लहसुन की दो कलियां चबाकर या बारीक कतर कर खा लें और ऊपर से कुनकुना नींबू का रस पिएं. इससे मोटापा नियंत्रण में रहता है और रक्त संचरण में भी सुधार होता है. हाई ब्लडप्रेशर से ग्रस्त व्यक्तियों को भी कच्चा लहसुन खाने की सलाह दी जाती है.

6. सलाद और फलों की मात्रा बढ़ाइए - दिन में दो बार मुख्य भोजन से पहले सलाद और फल खाइए. भोजन के आधे घंटे पहले एक फुल प्लेट सलाद खा लेने से आप अतिरिक्त आहार लेने से बच जाते हैं और इससे शरीर को ज़रूरी विटामिन और खनिज भी खूब मिलते हैं.

7. भोजन में विशेष मसालों का प्रयोग बढ़ाएं - कुछ मसाले जैसे दालचीनी, अदरक, काली मिर्च आदि का भोजन में प्रयोग करने से इंसुलिन प्रतिरोधकता बढ़ती है और रक्त में शर्करा का स्तर नियंत्रण में रहता है. इनमें मोटापा दूर करने के अलावा और भी बहुत सारे गुण होते हैं और ये भोजन का जायका भी बढ़ाते हैं.

Source: “7 Simple Ways To Get Rid Of Belly Fat,” via TheUnboundSpirit

डिस्क्लेमरः इस ब्लॉग में दी गई किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य या खानपान की सलाह का पालन अपने चिकित्सक से परामर्श लेने के बाद ही करें.

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अच्छी ख़बर – The Good News


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एक महत्वपूर्ण गोल्फ टूर्नामेंट में जीत जाने के बाद अर्जेंटीना के गोल्फ खिलाड़ी रॉबर्ट डि विन्सेंजों अपनी गाड़ी लेने के लिए पार्किंग लॉट में गए.

एक युवती उनके पास आई और उन्हें बधाई देने के बाद उसने बताया कि उसके बच्चे को कैंसर है तथा वह मृत्यु के करीब है, और उसके पास अस्पताल का बिल चुकाने के लिए पैसे नहीं हैं.

यह सुनकर रॉबर्ट ने उस दिन जीती हुई रकम का एक हिस्सा युवती को दे दिया.

एक सप्ताह बाद प्रोफ़ेशनल गोल्फ असोसिएशन के लंच पर उन्होंने अपने मित्रों को ये बात बताई. उनमें से एक ने रॉबर्ट से पूछा, “क्या उस युवती के बाल सुनहरे थे और उसकी एक आंख के नीचे दाग था”?

रॉबर्ट के ‘हां’ कहने पर मित्र ने कहा, “उसने तुम्हें ठग लिया. वो औरत यही कहानी सुनाकर यहां आनेवाले बहुत से विदेशी गोल्फ़र्स को ठग चुकी है”.

“तो, तुम्हारे कहने का मतलब है कि किसी भी बच्चे को कैंसर नहीं है”?, रॉबर्ट ने पूछा.

“नहीं. ये सारी मनगढंत बात है”.

“फिर तो ये इस सप्ताह की सबसे अच्छी बात है”, रॉबर्ट ने कहा.

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The Argentinian golfer Robert de Vincenzo went to the parking lot to get his car after having won an important tournament.

At that moment, a woman approached him. After congratulating him for his victory, she told him her son was at the edge of death and that she had no money to pay the hospital bills.

De Vincenzo immediately gave her part of the money he had won that afternoon.

A week later, at a lunch at the Professional Golf Association, he told this story to a couple of friends. One of them asked him if the woman was blond with a small scar under her left eye.

De Vincenzo agreed. “You were cheated,” his friend said.

“This woman is a swindler and is always telling the same story to all foreign golfers that show up here.”

“So there is no child having cancer?”

 “No.”

“Well, this was the best news I got this week!” said the golf player.

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