लिंकन और चिड़िया का बच्चा

बरसात का मौसम था और चार व्यक्ति गाँव की सड़क पर घुड़सवारी कर रहे थे. वे सभी वकील थे और पास के नगर में अदालत जा रहे थे.

कुछ समय पहले ही बारिश हुई थी और गाँव की कच्ची सड़क में सब तरफ कीचड़-पानी हो गया था. पेड़ों की पत्तियों से पानी की बूँदें टपक रहीं थीं और गीली हरी घास चमक रही थी.

वे चारों वकील एक दूसरे के पीछे-पीछे चल रहे थे क्योंकि सड़क बहुत संकरी थी. आपस में हंसी-मजाक करते हुए वे अपनी राह चले जा रहे थे.

छोटे पेड़ों के एक झुरमुट के नीचे से गुज़रते समय उन्होंने अपने ऊपर पंखों के फडफडाने की आवाज़ सुनी और सड़क के किनारे घास पर चिड़िया का एक नन्हा बच्चा गिरते हुए देखा.

पेड़ों में पक्षियों की तेज चहचहाहट होने लगी और घास पर पड़ा बच्चा चूँ-चूँ करने लगा.

“क्या हुआ?” – पहले वकील ने पूछा. उसका नाम मिस्टर स्पीड था.

मिस्टर हार्डिन नामक दूसरे वकील ने कहा – “कुछ नहीं! पेड़ों पर पक्षी शोर मचा रहे हैं. तेज हवा चलने की वजह से घोंसले से चिड़िया का बच्चा नीचे गिर गया है. इतने छोटे बच्चे उड़ नहीं सकते. पेड़ पर बच्चे की माँ बच्चे के लिए शोर मचा रही है”.

“सचमुच, बहुत बुरी बात है. घास में पड़ा-पड़ा बच्चा मर जायेगा” – तीसरे वकील ने कहा.

“छोड़ो यार! चिड़िया का बच्चा ही तो है” – मिस्टर हार्डिन ने कहा – “हम क्या कर सकते हैं!”

“सही कहते हो” – मिस्टर स्पीड ने कहा.

घास में पड़े बच्चे को देखते हुए वे तीनों वहां से गुज़र गए. पेड़ के ऊपर चिड़िया अभी भी परेशान होकर बेतहाशा चिल्लाये जा रही थी.

वे तीनों पहले की तरह बातें करते हुए वहां से चले गए और पक्षियों के बारे में भूल गए.

लेकिन चौथा वकील ठहर गया. वह अपने घोड़े से उतरा और उसने आहिस्ता से चिड़िया के बच्चे को अपनी गर्म हथेली में उठा लिया.

बच्चा भयभीत नहीं हुआ और बहुत दबी आवाज़ में चहचहाता रहा. शायद उसे आभास हो गया था कि वह सुरक्षित हाथों में है.

“डरो मत, नन्हे बच्चे” – चौथे वकील ने कहा – “मैं तुम्हें अभी तुम्हारे घोंसले तक पहुंचा दूंगा”.

फिर उसने पेड़ के ऊपर उस घोंसले को ढूँढा जिसमें से बच्चा गिर गया था. घोंसला उसकी पहुँच से बाहर था.

zpage009वह सावधानी से पेड़ के ऊपर चढ़ने लगा. बचपन में वह बहुत से पेड़ों पर चढ़ चुका था.

उसने वात्सल्यपूर्वक बच्चे को उसके घोंसले में रख दिया. घोंसले में दो बच्चे और थे. वे सभी एक दुसरे से लिपट गए और ऐसा लग रहा था कि वे बहुत खुश हो गए थे.

दूसरी ओर वे तीन वकील कुछ आगे निकल गए थे और अपने घोड़ों को पानी देने के लिए वे एक नहर के पास रुक गए.

“लिंकन कहाँ है? – एक ने पूछा. लिंकन को अपने पीछे न पाकर वे हैरान हो गए.

“मुझे लगता है कि वह उस चिड़िया के बच्चे के लिए पीछे रुक गया है” – मिस्टर स्पीड ने कहा.

कुछ ही मिनटों में मिस्टर लिंकन भी वहां आ गए. उनके जूते कीचड़ से सने हुए थे और पेड़ पर चढ़ने की कोशिश में उनका कोट भी फट गया था.

“अब्राहम!” – मिस्टर हार्डिन ने पूछा – “तुम कहाँ रुक गए थे?”

“मैं उस चिड़िया के बच्चे को उसके घोंसले में छोड़ने के लिए रुक गया था” – लिंकन ने कहा.

“हमें भी यही लग रहा था” – मिस्टर स्पीड ने कहा – “तुम हमेशा से ही ऐसे काम करते आये हो”.

तीनों वकील ठठाकर हंस दिए. उन्हें यह लग रहा था कि एक जवान वकील को चिड़िया के बच्चे जैसे जीव की खातिर इतनी मुसीबत मोल नहीं लेनी चाहिए थी.

“दोस्तों” – लिंकन ने कहा – “अगर मैं उस चिड़िया के बच्चे को उसके घोंसले तक नहीं पहुंचाता तो मुझे सारी रात नींद नहीं आती”.

बाद में अब्राहम लिंकन बहुत बड़े वकील और राजनेता बने. वे अमेरिका के राष्ट्रपति निर्वाचित हुए. जॉर्ज वाशिंगटन के बाद वे अमेरिका के सबसे महान राष्ट्रपति कहलाए.

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