किसी परमाणु के हमारे सर से प्रकाश वेग से टकराने पर क्या होगा?

प्रकाश की गति के 99.999% वेग से चल रहे किसी प्रोटॉन (अर्थात हाइड्रोजन के परमाणु का नाभिक, जिसका इकलौता इलेक्ट्रॉन मुक्त हो चुका है) की संपूर्ण ऊर्जा लगभग 210 GeV (गीगाइलेक्ट्रॉनवोल्ट) होती है जो किसी स्थिर हाइड्रोजन के परमाणु की द्रव्यमान-ऊर्जा की लगभग 220 गुना है. इस ऊर्जा का संख्यात्मक मान वैसे तो बहुत अधिक दिखता है लेकिन LHC (लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर) में 13,000 GeV तक की ऊर्जा उत्पन्न की जा चुकी है. 210 GeV ऊर्जा लगभग 0.000000034 जूल्स होती है. यह इतनी सूक्ष्म और नगण्य है कि इसका अनुभव कर सकना संभव नहीं है. यदि  हम हाइड्रोजन के स्थान पर किसी भारी धातु के परमाणु को चुन लें तो भी ऊर्जा का मान नगण्य ही रहेगा.

और इस तरह के सूक्ष्म कण हमारे शरीर से हर समय टकराते रहते हैं. विकीपीडिया के अनुसार पृथ्वी की सतह के प्रति वर्ग मीटर क्षेत्र से 1000 GeV ऊर्जा का ब्रह्मांडीय किरण का 1 पार्टिकल प्रति सेकंड टकराता है. इसका अर्थ यह है कि हमारे सर से कम-से-कम 1 पार्टिकल प्रति मिनट हमारे जन्म से ही टकरा रहा है. यह भी संभव है कि एक सप्ताह में या एक महीने में या लगभग एक वर्ष में इससे भी हजार गुनी ऊर्जा वाला कोई पार्टिकल हमसे टकराता हो लेकिन हमें कुछ पता नहीं चलता.

यह भी हो सकता है कि हमारे शरीर में गलत समय पर किसी विशेष अणु से ब्रह्मांडीय किरण का कोई पार्टिकल टकराने पर हमें कैंसर या ऐसा ही कोई रोग होने की संभावना होती हो लेकिन इसके बारे में हम दावे से कुछ नहीं कह सकते.

1978 में ऐसा हुआ कि अनातोली बुगोर्स्की (Anatoli Bugorski) नामक एक रूसी वैज्ञानिक ने गलत समय पर गलत जगह पर अपना सर अड़ा दिया और उसपर 76 GeV ऊर्जा वाले एक नहीं बल्कि लाखों प्रोटॉनों की बौछार हो गई. इन कणों की लहर ने इसके चेहरे, मस्तिष्क और हड़्डियों को झुलसा दिया. लेकिन अनालोती अभी भी जीवित है (हालांकि उसका चेहरा आंशिक रूप से पक्षाघात से ग्रस्त हो गया था). इस घटना के बाद उसने अपनी पढ़ाई पूरी की और वैज्ञानिक के रूप में काम करता रहा.

13 जुलाई 1978 को अनातोली पार्टिकल एक्सेलेरेटर के किसी भाग में आई खराबी की जांच कर रहा था तब यह घटना घटी. अनातोली मशीन पर झुका हुआ था तभी अचानक उसके चेहरे पर 76 GeV के प्रोटॉनों की बौछार पड़ी. बाद में उसने बताया कि उसे “हजार सूर्यों से भी अधिक चमकीली रौशनी दिखी” लेकिन उसे कोई दर्द नहीं हुआ. (image credit)

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