क्या अल्बर्ट आइंस्टीन अपने जूते के फीते नहीं बांध पाते थे?

अल्बर्ट आइंस्टीन के बारे में इंटरनेट पर इतनी सारी सही-गलत बातों का घालमेल हो गया है कि हमें आधिकारिक जानकारियां नहीं मिल पातीं. अनेक ख्यात वेबसाइटों पर भी उनके बारे में कई बेसिर-पैर की बातें लिख दी गई हैं. बहुत से लोगों ने उन्हें पूरी तरह एब्सेंट-माइंडेड वैज्ञानिक मान लिया है. यह बात सरासर गलत है कि आइंस्टीन ने अपने नौकर को बक्से में दो छोटे-बड़े छेद बनाने के लिए कहा ताकि बड़े छेद से बिल्ली और छोटे छेद से उसके बच्चे निकल सकें. मुझे यह बात अजीब लगती है… इतनी अजीब कि यदि आइंस्टीन ने वाकई ऐसा कहा हो तो मैं मानूंगा कि इसका कोई परपज़ ज़रूर होगा.

आइंस्टीन के बारे में इंटरनेट पर फैली बकवास उन्हें सनकी साबित करने के लिए काफ़ी है, लेकिन क्या वे ऐसे ही थे? क्या हम यह तथ्य नहीं सहन कर पा रहे हैं कि वे हम सबसे बहुत-बहुत अधिक बुद्धिमान थे?

आइंस्टीन भौतिकी के जीनियस थे. अनेक भाषाएं जानतेे थे. कुशल वायलिन वादक थे. उनकी सोशल लाइफ़ बहुत अच्छी थी और निजी जीवन बहुत रोचक… सीक्रेट भी. जवानी में वे थोड़ा बेढब तरीके से रहते थे लेकिन उनमें एक ग्रेस हमेशा बनी रही.

कहा जाता है कि आइंस्टीन बचपन में डिस्लेक्सिया से ग्रस्त थे. जूते के फीते नहीं बांध पाने वाली बात शायद इसी से उपजी हो. लेकिन यह ज़रूरी नहीं कि बचपन में कभी फीते ठीक से नहीं बांध पाने वाला व्यक्ति आजीवन इसे सीख नहीं पाए. आइंस्टीन ने पढ़ना-लिखना कुछ देर से शुरु किया. कुछ लोगों ने उन्हें अल्पबुद्धि भी मान लिया था लेकिन यह बहुत खराब डायगनोसिस का नायाब उदाहरण है. उन्हें कोई श्रवण दोष भी था जिसने इस गलतफहमी को बढ़ावा दिया.

आइंस्टीन के बारे में यह सामान्यीकरण किया जाता है कि वह थोड़े सुस्त थे, लेकिन इसके पीछे का कारण यह हो सकता है कि वे सोच-विचार में खोए रहते थे. हमें ऐसे कई क्रिएटिव व्यक्ति हमारे आसपास ही मिल सकते हैं. आइंस्टीन हम लोगों की तरह उन बातों में समय नष्ट नहीं करते थे जो अक्सर ही गैरज़रूरी होती हैं. वे एक ही तरह के कपड़े, जूते पहनने के आदी थे… और मैंने कुछ मिनट पहले ही उनकी बहुत सारी ग्रुप फोटो देखीं, जिनमें उनके जूते बहुत अच्छे से बंधे दिखते हैं… वे जूते खुद ही पहनते रहे होंगे. आपको क्या लगता है?

अपनी ही दुनिया में रहना और अपने तरह से जीना… व्यक्तित्व के ये लक्षण हमें अनेक सफल व्यक्तियों में दिखते हैं. आपने मार्क ज़ुकरबर्ग को तो देखा ही होगा. वह हमेशा एक ही तरह के कपड़े क्यों पहनता है, यह पूछा जाने पर उसने जवाब दिया कि क्या पहनूं, क्या न पहनूं के चक्कर में पड़ने से बेहतर है कि मैं अपना ध्यान फेसबुक और अपने बिजनेस पर लगाऊं. (वैसे ये कहानी भी गलत हो सकती है)

बहरहाल, आप आइंस्टीन को देखें. वे साइकिल बड़ी मस्त चलाते थे.

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