अपने से बेहतर लोगों से मुकाबला कैसे करें?

क्वोरा पर किसी ने एक प्रश्न पूछाः

मैं उन लोगों से कंपीट कैसे करूं जो मुझसे हर मामले में बेहतर हैं?

आप उस व्यक्ति से मुकाबला या प्रतिस्पर्धा कैसे कर सकते हैं जो आपसे बेहतर है. आप उसे आउटपरफ़ॉर्म कैसे कर सकते हैं. आप समझते हैं कि आप अच्छा गा लेते हैं. मैं नहीं कहता कि आपको अपने बारे में कोई गलतफ़हमी है या खुशफ़हमी है… हो सकता है कि आप वाकई बहुत अच्छा गा लेते हों लेकिन किसी कंपिटीशन में आपका सामना ऐसे गायक से हो सकता है जो आपसे भी बेहतर गायक हो. इसी तरह किसी स्पोर्ट में, इंटरव्यू में, या रोज़मर्रा की बहसों में भी आप किसी ऐसे व्यक्ति से टकरा सकते हैं जिसकी काबिलियत आपसे अधिक हो, जिसका अनुभव आपसे अधिक हो और वह बेशक आपको हरा सकता हो, आपको पीछे धकेल सकता हो.

इस सवाल का जवाब बेस्टस्लर किताब रूल्स ऑफ़ द रिच के लेखक टॉम कॉर्सन-नोवेल्स (Tom Corson-Knowles) ने दियाः

नो प्रॉब्लम!

ऐसी स्थिति में तुम एक ही काम कह सकते हो और वो है उन्हें आउटवर्क (outwork) करना, अर्थात उनसे बेहतर काम करना. जितनी देर उन्हें किसी काम को करने में लगती है उससे कम समय में काम कर सकना.

विल स्मिथ ने किसी से कहा था, “यदि हम दोनों ट्रेडमिल पर एक साथ प्रैक्टिस करेंगे तो या तो तुम पहले हार मान लोगे या मैं कोशिश करते-करते जान दे दूंगा.”

Will-Smith“जो बात मुझे सबसे अलग बनाती है वो ये है कि मैं ट्रेडमिल पर मरने से नहीं डरता. तुम मुझे हरा नहीं सकते. पीरियड. हो सकता है कि तुम मुझसे ज्यादा टैलेंटेड हो, ज्यादा सैक्सी हो, ज्यादा स्मार्ट हो… हो सकता है तुम मुझसे हर मामले में बेहतर हो. लेकिन जब हन दोनों ट्रेडमिल पर एक साथ चढ़ेंगे तो सिर्फ दो बातें होंगीः या तो तुम मुझसे पहले ट्रेडमिल से उतरोगे, या मेरी मौत ट्रेडमिल पर होगी. इससे ज्यादा सिंपल मैं नहीं कह सकता. ठीक है न?

तुम मुझे आउटवर्क नहीं कर सकते. ये सिंपल फंडा है, बेसिक कॉन्सेप्ट. धक्का-मुक्की के लिए तैयार रहो. दूसरों को पीछे करने के लिए तैयार रहो. तुम जानते हो, बिजनेस की दुनिया ऐसे लोगों से भरी हुई है जो अपनी जगह से बुरी तरह से धकिया दिए गए. उनमें से बहुत से लोग अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच सके जिसके वे सपने देखते थे. ये सारा मामला आउटवर्क्ड कर दिए जाने का है, सारा खेल महत्वपूर्ण अवसरों को खो देने का है. अपने प्रतिद्वंद्वी को आउटवर्क करने के लिए तैयार रहो. मैं ये बात हमेशा कहता हूं कि यदि तुम खुद को हर वक्त तैयार रखोगे तो तुम्हें कभी भी तैयार नहीं होना पड़ेगा. ” – विल स्मिथ

ज्यादातर लोग उतनी मेहनत करने के इच्छुक नहीं होते. ये सच है कि वे जॉब इंटरव्यू के लिए जाते हैं और शायद आइने के सामने कुछ मिनट खड़े होकर प्रेक्टिस भी करते हैं लेकिन वे कई-कई घंटों की रिसर्च और अनेक हफ्तों की तैयारी नहीं करते. वे सुबह जल्दी नहीं उठते और अपने सपनों को पूरा करने के लिए देर रात तक नहीं जागते.

ऐसे में जब सारे मेहनती, गुड-लुकिंग, स्मार्ट और अनुभवी लोग अगले अवसर की राह देख रहे हों तब आप उन्हें आउटवर्क करके अपने लिए अवसर बना सकते हैं.

कुछ ही वर्षों में आप ऐसे “स्मार्ट” व्यक्ति बन सकते हैं जिसके जैसे लोग बनना चाहें. लेकिन आप औरों से अलग होंगे. आपको यह मालूम होगा कि आपकी सफलता के पीछे आपका लक, कनेक्शन्स या अच्छे जीन्स नहीं बल्कि आपका हार्डवर्क, आपकी भीतरी ताकत और आपका कमिटमेंट था जिसने आपको शानदार ज़िंदगी दी और सफल व्यक्ति बनाया.

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About Nishant Mishra

Nishant studied art history and literature at the university during 1990s. He works as a translator in New Delhi, India and likes to read about arts, photography, films, life-lessons and Zen.

There are 16 comments

    1. Nishant

      कॉपी करें भी तो इसमें कोई हर्ज़ नहीं. व्यक्ति की इन्टेंशन देखी जानी चाहिए. कॉपी करने उसे और बेहतर बना सकें तो और अच्छा. कई बार ऐसा करने से ही कोई नई चीज निकल आती है.

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