जीवन एक कविता है

mahatma gandhi


“मेरा जीवन ही मेरा संदेश है” – महात्मा गाँधी

हमारा जीवन ही हमारी अभिव्यक्ति है. यह बतलाता है कि हम कौन हैं. यह हमें संसार से जोड़ने वाला सेतु है. हमारी समस्त कामनाएं-वासनाएं इसमें प्रतिबिंबित होती हैं. यह हमारी उपस्थिति को मूर्त करनेवाली घटनाओं और हमारी भावनाओं की निर्बाध सरिता है.

प्रसन्न होने पर हम गीतों के बोलों में फूट पड़ते हैं और हमारा रोम-रोम थिरकने लगता है. आवेश और उन्माद के कारण हमारे मन व शरीर में भय और वेदना का संचार होने लगता है.

हम कुछ भी करें, कैसे भी रहें – वह हमारी अभिव्यक्ति है.

महात्मा गाँधी का जीवन ही उनका संदेश था – और आपका जीवन आपका संदेश है. अपने कर्म से, कार्यों से, व्यवहार से, उपलब्धियों से और जीवन के प्रत्येक क्षण से आप इस संसार को क्या संदेश दे रहे हैं?

क्या आपका संदेश एक शोकाकुल एकालाप है? या वह एक गीत है? काव्य है? गाथा है?

क्या आपका संदेश एक छंद है? तुक्तक है? हाइकू है?

क्या आपका संदेश मुक्त पद्य है? या गद्य कविता?

यदि आपका जीवन एक कविता है तो आप उसे कैसे शब्द देंगे? उस कविता में से आप क्या-कुछ छांट देंगे? उस कविता का सार क्या होगा?

जीवन का प्रत्येक क्षण अपने में परिपूर्ण है. वह स्वयं में अप्रतिम स्वाद को संजोए हुए है. यह डाल से तोड़ा गया रसीला फल है जिसका मजा इसे बिना धोए खाने में ज्यादा है.


peach


“बस यही कहना है”

(विलियम कार्लोस विलियम्स की कविता)

फ्रिज के आइसबॉक्स में
करीने से तुम्हारे रखे
आड़ू के मीठे फल
मैंने खा लिए हैं

बचा रखा था जिन्हें
तुमने शायद…
नाश्ते के वक्त
साथ खाने के लिए

मुझे माफ करना
रोकता कैसे खुद को –
जब देखे ताज़ा, ठंडे,
मीठे, रसीले आड़ू


ज़ेन-हैबिट्स ब्लौग की इस पोस्ट का अनुवाद, साभार.

(Your life should be your message to all – Mahatma Gandhi – in Hindi)

There are 5 comments

  1. समीर लाल ’उड़न तश्तरी’ वाले

    क्या बात कही है, वाह!! फ्रिज्ड…फिर भी ताजे…विलियम कार्लोस विलियम्स की कविता…..अजब सी है. बहुत विसंगतियां हर पंक्ति में…शायद भावनुवाद नाप गया लगता है.

  2. Khushdeep Sehgal

    जीवन चलने का नाम…
    चलते रहो सुबह-ओ-शाम…

    अपनी जिंदगी का तो यही संदेश है और यही फलसफा…

    फ्रिज में ठंडे-मीठे आडू…मुंह में पानी लाने के लिए काफी हैं…

    जय हिंद…

Leave a Reply