Leo Babauta

नया साल – नये संकल्प

हर साल जनवरी आते ही बहुतेरे जन अति उत्साह में आ जाते हैं. कोई अपने लिए नए संकल्प (रिजोल्यूशंस) की लिस्ट बनाता है तो कोई खुद में बदलाव लाने के लिए किसी जिम या क्लास की सदस्यता ले लेता है…. Read More ›

कॉरपोरेट… और नहीं

ऑक्यूपाई वॉल स्ट्रीट आंदोलन धीरे-धीरे ही सही लेकिन एक विश्वव्यापी आन्दोलन का रूप ले रहा है. विश्व के कई देशों में इस आंदोलन की दस्तक सुनाई दे रही है. कहीं तो इससे अत्यंत बर्बरतापूर्वक निबटा जा रहा है, जो कि गलत… Read More ›

आदतों से छुटकारा : सफलता की सीढ़ी

यह पोस्ट मेरे प्रिय ब्लौगर लियो बबौटा की एक पोस्ट का अनुवाद है जिसमें हमेशा की तरह मैंने मामूली फेरबदल किये हैं. मूल अंग्रेजी पोस्ट पढ़ने के लिए आप यहाँ क्लिक करें. बहुत से लोग अपने जीवन के बहुत से… Read More ›

A Letter to My Son, on Starting Out In Life – जीवन की राहों में : पिता का पत्र

लियो बबौटा मेरे प्रिय ब्लौगर हैं. इस ब्लौग पर मैंने उनकी कुछ बेहतरीन पोस्टें अनूदित करके पोस्ट की हैं. उनके ब्लौग की सम्पूर्ण सामग्री पर वे किसी प्रकार का अधिकार नहीं रखते. अपने ब्लौग ज़ेनहैबिट्स में वे रचनात्मकता और उत्पादकता… Read More ›

सुविधाओं की असली कीमत

पिछले सौ सालों में मानव और समाज की गति की दिशा के बारे में विचार करता हूँ तो पाता हूँ कि यह केवल सुविधा की ओर दौड़ा जा रहा है. पिछले सौ सालों में हुई खोजों और अविष्कारों पर नज़र… Read More ›

धरती पर पैर धरो धीरे

(वसंत ऋतु में) “जरा धीरे चलो मेरे भाई, धरती मैया पेट से है” – उत्तर अमेरिकी आदिवासी उक्ति अपने लोक जीवन और पारंपरिक ज्ञान से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं. पृथ्वी माता के प्रति सम्मान की अनेक कथाएं भारतीय… Read More ›

खोखली सुरक्षा का भ्रम

कुछ दिनों पहले मेरी पिताजी से एक मसले पर बहुत कहा-सुनी हो गयी. मैं होली पर घर जानेवाला था. पिताजी ने होली के पहले घर की सफाई-पुताई कराई. घर में बहुत सा कबाड़ का सामान था जिसे निकालकर फेंकना ज़रूरी… Read More ›

खाना खा लिया? तो अपने बर्तन भी धो लो!

एक प्रसिद्द ज़ेन कथा में वर्णित है कि:- एक नए बौद्ध साधक ने अपने गुरु से पूछा – “मैं हाल में ही मठ में शामिल हुआ हूँ. कृपया मुझे कोई शिक्षा दें.” जोशु ने उससे पूछा – “क्या तुमने अपनी… Read More ›

जीवन एक कविता है

“मेरा जीवन ही मेरा संदेश है” – महात्मा गाँधी हमारा जीवन ही हमारी अभिव्यक्ति है. यह बतलाता है कि हम कौन हैं. यह हमें संसार से जोड़ने वाला सेतु है. हमारी समस्त कामनाएं-वासनाएं इसमें प्रतिबिंबित होती हैं. यह हमारी उपस्थिति… Read More ›

क्या आप अपनी पोस्टें चोरी किये जाने से नाराज़ हैं?

यह पोस्ट अंग्रेजी के अत्यंत लोकप्रिय ब्लौग ज़ेन-हैबिट्स के रचयिता लियो बबौटा द्वारा कॉपीराइट पर लिखी गई बेहतरीन पोस्ट का संपादित हिंदी अनुवाद है. ओपन सोर्स सोफ्टवेयर क्रांति के जनक रिचर्ड स्टालमैन ने कहा था – “मेरी दृष्टि में स्वर्णिम… Read More ›

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