सुखी वैवाहिक जीवन का राज़

horseriding


एक बार एक दंपत्ति ने अपने विवाह की 50वीं सालगिरह का आयोजन किया. अपने छोटे से शहर में रहते हुए वे बहुत अच्छे दंपत्ति के रूप में प्रसिद्द थे क्योंकि किसी ने भी उन्हें कभी भी झगड़ते हुए नहीं देखा था. स्थानीय समाचार पत्र के एक पत्रकार ने उस अवसर पर पति से उनके सुखी विवाहित जीवन का राज़ पूछा – “आज के जमाने में इतना सुखद वैवाहिक जीवन असंभव है. इसका कारण क्या है?”

पति ने उत्तर दिया – “हमारी शादी के बाद हम हनीमून मनाने के लिए शिमला गए. हमने घोड़े की सवारी करने के लिए दो घोड़े ले लिए. मेरा घोड़ा तो बहुत अच्छा और शांत था लेकिन मेरी पत्नी का घोड़ा बहुत चंचल था.”

“रास्ते में कुछ दूर जाने के बाद मेरी पत्नी के घोड़े ने बिदक कर उसे नीचे गिरा दिया. मेरी पत्नी शांति से जमीन से उठी, उसने घोड़े को थपथपाया और कहा ‘ये तुमने पहली बार किया’ और घोड़े पर बैठ गई. कुछ देर बार घोड़े ने उसे फिर से नीचे गिरा दिया. इस बार भी वह सहजता से घोड़े से बोली ‘ये तुमने दूसरी बार किया’ और वापस घोड़े पर बैठ गई. जब घोड़े ने उसे तीसरी बार नीचे गिरा दिया तब उसने अपने पर्स से पिस्तौल निकाली और घोड़े को ढेर कर दिया!”

“मैं चिल्लाया! – “ये तुमने क्या किया!? घोडे को मार डाला! तुम पागल हो क्या!?”

पत्नी ने मुझे शांति से देखा और बोली – “ये तुमने पहली बार किया’.

“इस तरह हमारा वैवाहिक जीवन बहुत सुख-शांति से बीता”.

(चित्र यहाँ से लिया गया है)

(A funny story about the secret of a happy and quiet married life – in Hindi)

There are 9 comments

  1. सिद्धार्थ जोशी

    निशांत जी अच्‍छा है समय रहते आपने इस राज का खुलासा कर दिया। कुछ दिन पहले हमारी पत्‍नीजी भी पूछ रहीं थी कि ये आतंकवादियों को एके 47 इतनी पसंद क्‍यों है। जवाब पता नहीं था सो हंसकर टाल गए। अब कुछ चेतना आ रही है। 🙂

    1. Nishant

      भाई, यह ज़रूरी नहीं की सभी को सब कुछ अच्छा ही लगे. कभी-कभी स्वाद बदलने के लिए ऐसी लाइट टेस्ट वाली पोस्टें भी छाप देते हैं. फिर भी, अगली बार आपके कमेन्ट को ध्यान में रखकर ही पोस्ट करूँगा.

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