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परंपरा : मुल्ला नसरुद्दीन

कई लोगों की भीड़ में मुल्ला नसरुद्दीन नमाज़ अदा करने के दौरान आगे झुका. उस दिन उसने कुछ ऊंचा कुरता पहना हुआ था. आगे झुकने पर उसका कुरता ऊपर चढ़ गया और उसकी कमर का निचला हिस्सा झलकने लगा.

मुल्ला के पीछे बैठे आदमी को यह देखकर अच्छा नहीं लगा इसलिए उसने मुल्ला के कुरते को थोड़ा नीचे खींच दिया.

मुल्ला ने फ़ौरन अपने आगे बैठे आदमी का कुरता नीचे खींच दिया.

आगेवाले आदमी ने पलटकर मुल्ला से हैरत से पूछा – “ये क्या करते हो मुल्ला?”

“मुझसे नहीं, पीछेवालों से पूछो” – मुल्ला ने कहा – “शुरुआत वहां से हुई है”.

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15 Comments Post a comment
  1. सही तो है..शुरु किसने किया..उसे पकड़ो.

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    June 24, 2010
  2. dear u r right….! that why we call these types of persons either mulla….or pandit….

    a little knowledge is a dangerous thing……

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    June 24, 2010
  3. neeti #

    Sach hai. Kai bar parampara ki shuruaat to kisi thos vajah se hoti hai par baad me anukaran karne waale bina wajah samjhe hi nibhay chale jaate hein.

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    June 24, 2010
  4. प्रवीण पाण्डेय #

    जब अपने साथ हो उसे बिना सोचे न बढ़ाया जाये ।

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    June 24, 2010
  5. Ha ha ha ha…majedaar,par shikshaprad…

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    June 24, 2010
  6. apka kurta kahan hai?…lemme pull..lol

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    June 24, 2010
  7. … bahut sundar !!!!

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    June 24, 2010
  8. हा हा हा …बढ़िया है

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    June 24, 2010
  9. मुल्ला नसीरुद्दीन की कहानियां मुझे बचपन से बेहद पसंद रही हैं. शुक्रिया !

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    June 24, 2010
  10. मेरे पिताजी अक्सर मुल्ला नसीरुद्दीन की कहानियाँ सुनाया करते थे. सबसे मजेदार लगती थी, कड़ाही के बच्चे की कहानी. सच में कितनी आसानी से मुल्ला मजाक ही मज़ाक में बड़ी बातें बता जाते थे.

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    June 25, 2010
  11. किसी परंपरा को बिना सोचे समझे ढोने वालों के लिए बढ़िया तंज … शुरुआत कहीं से हुई हो … बुद्धिमत्ता तो उसकी विवेकशील परिणति मे ही है

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    June 25, 2010
  12. ye koi parmpra nai he murakhta he agar pichey wala bolta ki asa karna he apney age waley ko to hum isey parmpra khete

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    June 27, 2010
  13. dusro ki bewkufi ko ham q doharaye,.

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    October 12, 2010
  14. Deepak tripathi #

    Kuch purani parampara ko maan ne chalte hum ‘manavta’ ko bhi tar tar kar dete hai…….

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    July 16, 2012
  15. ये सब बेकार की बात है ,अब ये क्या मतलब की कोई गलती करे तो हम दोहराते रहे ..
    निराशाजनक

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    June 24, 2013

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