सच

स्पेन के अखबार “ला वेनगार्दिया” में यह छपाः

“सच क्या है?”, स्पेन की एक अदालत के न्यायाधीश जोसेप मारिया पिजुआन ने बलात्कार की शिकार एक 11 वर्षीय लड़की से अदालत में पूछा. जोसेप इस बात की तस्दीक कर लेना चाहते थे कि लड़की की बताई बातों में कहीं कोई उलझाव नहीं है. इस मामले में लड़की की ओर से पैरवी कर रही वकील को मन में यह खटका-सा लग रहा था कि लड़की कहीं कोई ऐसी बात न कह दे जो उसकी गवाही को कमज़ोर कर दे.

इस पूरी प्रक्रिया के दौरान एक मौके पर न्यायाधीश ने लड़की से दार्शनिकतापूर्ण प्रश्न किया, “सच क्या है? क्या सच यह है कि तुम अपने साथ इस घटना के होने की कल्पना कर रही हो या वह है जो तुम्हारी वकील तुम्हें अदालत में बोलने के लिए कह रही है?”

लड़की कुछ पल के लिए ठहरी-सी रही, फिर उसने कहाः

“सच यह है कि उन्होंने मेरे साथ गलत काम किया”.

इस मामले से जुड़ी प्रसिद्ध न्यायविद जुफ्रेसा ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे कैरियर में सच की इतनी सटीक और सरल परिभाषा पहले कभी नहीं सुनी.

(पाउलो कोएलो के ब्लॉग से)

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