सत्य वचन

disappointment


paolo coelhoजीवन में दुःख है और पराजय भी है… इनसे कोई भी नहीं बच सकता. लेकिन अपने सपनों के लिए लड़ते हुए कुछ मोर्चों में हार जाना बेहतर है यह जाने बिना हार जाने के कि हम किसके लिए लड़ रहे हैं.

(पाउलो कोएलो के ब्लौग से)

(A Quote of Paolo Coelho – in Hindi)

There are 12 comments

  1. Pankaj Upadhyay

    “जीवन में दुःख है और पराजय भी है… इनसे कोई भी नहीं बच सकता. लेकिन अपने सपनों के लिए लड़ते हुए कुछ मोर्चों में हार जाना ही बेहतर है अगर हम यह ही नही जान सकते कि हम लड़ किसके लिए रहे हैं.”

    शायद यह कुछ कम कन्फ़्यूजिग हो..

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  2. wangchuk

    दुख और पराजाय इससे कोइ बच पाना केवल इस तथ्य को उजागर करती है कि जैसा सोच वैसा कर्म औेर जैसा ही कर्म तैसा ही फल ।
    जाने बगैर लड़ना सपनों के मोर्चे की हार को बेहतर करार देना का अर्थ यह हुआ कि कर्म की चिन्ता करो फल की नही, मनुष्य का अधिकार कर्म पर है ना कि फल की आस मे कर्म करना । कोयलो जी का कथन श्रीभगवत गीता पर भले ही अधारित हो मगर सच बात सच ही होता है चाहे इसका वर्णन अमुक ग्रन्थ मे हो या न हो ।
    वाँगचुक शमशू

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