एक टुकड़ा सत्य

एक दिन शैतान और उसका एक मित्र साथ बैठकर बातचीत कर रहे थे। उनहोंने एक आदमी को सामने से आते हुए देखा। उस आदमी ने सड़क पर झुककर कुछ उठाकर अपने पास रख लिया।

“उसने सड़क से क्या उठाया?” – शैतान के मित्र ने शैतान से पूछा।

“एक टुकड़ा सत्य” – शैतान ने जवाब दिया।

शैतान का मित्र चिंतित हो गया। सत्य का एक टुकड़ा तो उस आदमी की आत्मा को बचा लेगा! इसका अर्थ यह है की नर्क में एक आदमी कम हो जाएगा!

लेकिन शैतान चुपचाप बैठा सब कुछ देखता रहा।

“तुम बिल्कुल परेशान नहीं लगते!?” – मित्र ने कहा – “उसे सत्य का एक टुकड़ा मिल गया है!”

“न! इसमें चिंता की कोई बात नहीं है।” – शैतान बोला।

मित्र ने पूछा – “क्या तुम्हें पता है कि वह आदमी उस सत्य के टुकड़े का क्या करेगा!?”

शैतान ने उत्तर दिया – “हमेशा की तरह वह उससे एक नए धर्म की स्थापना करेगा और इस प्रकार वह लोगों को पूर्ण सत्य से थोड़ा और दूर कर देगा।”

Photo by Jake Melara on Unsplash

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