Lao Tzu

मछली पकड़ने की कला

लाओ-त्ज़ु ने एक बार मछली पकड़ना सीखने का निश्चय किया। उसने मछली पकड़ने की एक छड़ी बनाई, उसमें डोरी और हुक लगाया। फ़िर वह उसमें चारा बांधकर नदी किनारे मछली पकड़ने के लिए बैठ गया। कुछ समय बाद एक बड़ी… Read More ›

मनुष्यता

पूर्णिमा है, लेकिन आकाश बादलों से ढका है. मैं राह से आया हूं. एक रेत के ढेर पर कुछ बच्चे खेल रहे थे. उन्होंने रेत के कुछ घर बनाए और उस पर से ही उनके बीच में झगड़ा हो गया… Read More ›

घर और पहाड़

तई नामक एक व्यक्ति का घर एक बहुत बड़े पहाड़ के पास था. तई की उम्र लगभग 80 वर्ष हो चली थी. उसके घर आने वाले लोगों को पहाड़ के चार ओर घूमकर बड़ी मुश्किल से आना पड़ता था. तई… Read More ›

सद्गुणों में संतुलन

एक दिन एक धनी व्यापारी ने लाओ-त्ज़ु से पूछा – “आपका शिष्य येन कैसा व्यक्ति है?” लाओ-त्ज़ु ने उत्तर दिया – “उदारता में वह मुझसे श्रेष्ठ है।” “आपका शिष्य कुंग कैसा व्यक्ति है?” – व्यापारी ने फ़िर पूछा। लाओ-त्ज़ु ने… Read More ›

Lao-Tzu’s Donkey – लाओत्ज़ु का गधा

लाओत्ज़ु अपने गधे पर सवार होकर एक शहर से दूसरे शहर जा रहा था. उसे रास्ते में राजा का दूत मिला. दूत ने लाओत्ज़ु से कहा -“राजा ने आपके बारे में बहुत कुछ सुना है और वे आपको अपने दरबारियों… Read More ›

लाओ-त्ज़ु का न्याय

अपनी बुद्धिमत्ता के कारण लाओ-त्ज़ु बहुत प्रसिद्द हो गया था और निस्संदेह वह सबसे बुद्धिमान व्यक्ति था. चीन के राजा ने लाओ-त्ज़ु से अपने न्यायालय का प्रधान न्यायाधीश बनने का अनुरोध किया और कहा – “सम्पूर्ण विश्व में आप जितना… Read More ›

आदर्श राज्य का निर्माण

चीन में एक समय चोरों का बड़ा आतंक था. राज्य की राजधानी में ची युंग नामक एक व्यक्ति था जो किसी भी व्यक्ति का चेहरा देखकर यह बता देता था कि वह व्यक्ति चोर है या नहीं. सामनेवाले व्यक्ति के… Read More ›

आनंद के चार कारण

लाओ-त्ज़ु एक मोटा फ़र का कोट पहनकर अपनी कमर पर एक रस्सी से उसे बांधकर अपने बैल पर यहाँ से वहां घूमता रहता था। अक्सर वह छोटे से इकतारे पर आनंद विभोर होकर गीत गाने लगता। एक दिन किसी ने… Read More ›

मनहूस पेड़

एक आदमी के बगीचे में एक पेड़ था। बगीचा छोटा था और पेड़ ने उसे पूरी तरह से ढंक रखा था। एक दिन आदमी के पड़ोसी ने उससे कहा – “ऐसे पेड़ मनहूस होते हैं। तुम्हें इसे काट देना चाहिए।”… Read More ›