जीवन में संयम और अनुशासन के महत्व को दर्शाने वाला अनूठा प्रयोग
1972 में विकासात्मक मनोवैज्ञानिक वॉल्टर मिशेल ने बिना किसी सोच-विचार या प्रेरणा के अचानक ही एक ऐसा अनूठा प्रयोग किया…
1972 में विकासात्मक मनोवैज्ञानिक वॉल्टर मिशेल ने बिना किसी सोच-विचार या प्रेरणा के अचानक ही एक ऐसा अनूठा प्रयोग किया…
सुबह जा चुकी है. धूप गर्म हो रही है और मन छाया में चलने को है. एक वृद्ध अध्यापक आये…
बुद्ध अपने एक प्रवास में वैशाली आये. कहते हैं कि उनके साथ दस हज़ार शिष्य भी हमेशा साथ रहते थे….