सड़क के पार

तनज़ेन और एकीदो नामक दो ज़ेन साधक किसी दूर स्थान की यात्रा कर रहे थे। मार्ग कीचड से भरा हुआ था। जोरों की बारिश भी हो रही थी।

एक स्थान पर उन्होंने सड़क के किनारे एक बहुत सुंदर लडकी को देखा। लडकी कीचड भरे रस्ते पर सड़क के पार जाने की कोशिश कर रही थी पर उसके लिए यह बहुत कठिन था।

”आओ मैं तुम्हारी मदद कर देता हूँ।”, तनज़ेन ने कहा और लडकी को अपनी बाँहों में उठाकर सड़क के दूसरी और पहुँचा दिया।

दोनों साधक फ़िर अपनी यात्रा पर चल दिए। वे रात भर चलते रहे पर एकीदो ने तनज़ेन से कोई भी बात नहीं की। बहुत समय बीत जाने पर एकीदो ख़ुद को रोक नहीं पाया और तनज़ेन से बोला – “हम साधकों को महिलाओं के पास भी जाना तक मना है, बहुत सुंदर और कम उम्र लड़कियों को तो देखना भी पाप है। तुमने उस लडकी को अपनी बाँहों में उठाते समय कुछ भी नहीं सोचा क्या?”

तनज़ेन ने कहा – ”मैंने तो लडकी को उठाकर तभी सड़क के पार छोड़ दिया, तुम उसे अभी तक क्यों उठाये हुए हो?”

Photo by Aaron Burden on Unsplash

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