बात बहुत पुरानी है। जेफरसन सन १८०० के आसपास अमेरिका के राष्ट्रपति थे। उन दिनों तक फोटोग्राफी का आविष्कार नहीं हुआ था। अख़बार वगैरह भी न के बराबर छपते थे। अमेरिका की राजधानी की शक्ल आज के किसी गाँव से बेहतर नहीं रही होगी। लोग अपने राष्ट्रपति को नहीं पहचानते थे।
जेफरसन मूलतः एक किसान थे। वे कृषकों और मजदूरों के प्रबल समर्थक थे। अमेरिका ने उन जैसा सादगीपूर्ण राष्ट्रपति कोई और न देखा होगा। राष्ट्रपति बनने के बाद भी उनका जीवन अत्यन्त सादा था।
एक बार वे किसी अन्य नगर में बड़े से होटल में गए और ठहरने के लिए कमरा माँगा। होटल मालिक ने उन्हें ऊपर से नीचे तक देखा और कमरा देने से इंकार कर दिया। जेफरसन चुपचाप वहां से चल दिए।
होटल में मौजूद किसी दूसरे व्यक्ति ने उन्हें पहचान लिया और उसने होटल मालिक को बताया कि उसने अमेरिका के राष्ट्रपति को कमरा देने से मना कर दिया है!
होटल का मालिक अपने नौकरों के साथ भागा-भागा उनकी तलाश में गया। जेफरसन अभी थोड़ी दूर ही गए थे। मालिक ने उनसे अपने बर्ताव के लिए माफ़ी मांगी और होटल में चलने के लिए कहा।
जेफरसन ने उससे कहा – “यदि तुम्हारे होटल में एक साधारण आदमी के लिए जगह नहीं है तो अमेरिका का राष्ट्रपति वहां कैसे ठहर सकता है!?” यह कहकर वे किसी और होटल में ठहरने के लिए चले गए।
(थॉमस जेफरसन का चित्र विकिपीडिया से लिया गया है)



sach mee….saadgi see hi insaan mahaan ban sakta hai………excellent post.