जीवन में सफलता, समृद्धि, संतुष्टि और शांति स्थापित करने के मंत्र और ज्ञान-विज्ञान की जानकारी

बेजोड़ कप

इकक्यु नामक एक ज़ेन साधक बचपन से ही बहुत विद्वान् थे। उनके गुरु के पास एक बेजोड़ और बेशकीमती चाय का कप था। एक दिन साफ़-सफाई के दौरान इकक्यु से वह कप टूट गया। इकक्यु परेशान हो गए। उन्हें अपने गुरु के आने की आहट सुनाई दी।

इकक्यु ने कप को अपने पीछे छुपा लिया। गुरु के सामने आ जाने पर उन्होंने पूछा – “लोग मरते क्यों हैं?”

“मरना तो प्राकृतिक है” – गुरु ने कहा – “हर वह चीज़ जिसकी उम्र हो जाती है वह मर जाती है।”

इकक्यु ने गुरु को टूटा हुआ कप दिखाया और बोले – “आपके कप की भी उम्र हो चली थी.”

(image credit)


Discover more from हिंदीज़ेन : HindiZen

Subscribe to get the latest posts sent to your email.


2 responses to “बेजोड़ कप”

  1. mehek अवतार
    mehek

    bahut khub:)sachha jawab

  2. आलोक सिंह अवतार
    आलोक सिंह

    मुत्यु एक अटल सत्य है , जो हर किसी की आनी है .

Leave a Reply to mehekCancel reply

Discover more from हिंदीज़ेन : HindiZen

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading

Discover more from हिंदीज़ेन : HindiZen

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading