ऊपर फोटो में मन को ललचाने वाली जो चीज़ दिख रही है उसे मफ़िन कहते हैं. आप इसे मजाक में बच्चा-केक भी कह सकते हैं.
मफ़िन को बनाने के लिए हमें कई तरह की सामग्री की ज़रूरत होती है, लेकिन सबसे ज़रूरी चीज़ें ये होती हैंः
- खमीर उठने वाला मैदा
- कैस्टर चीनी
- वेजीटेबल ऑइल
- अंडे
- दूध, आदि
चलिए, सबसे पहले हम खमीर उठाने वाले मैदा से शुरुआत करते हैं.
इस मैदा में अमूमन तीन चीज़ें मिली होती हैंः मैदा, बेकिंग पाउडर, और नमक
मैदा गेंहू से बनाया जाता है.
क्या आप जानते हैं कि गेंहू की फसल को तैयार होने में 6 से 8 महीने तक लग जाते हैं?
बेकिंग पाउटर को सोडियम बाई कार्बोनेट (NaHCO3), क्रीम ऑफ़ टार्टर (पोटेशियम बाईटार्ट्रेट, C4H5KO6), और कॉर्न-स्टार्च को मिलाकर बनाया जाता है.
कॉर्न-स्टार्च को मक्का से बनाते हैं.
मक्का उगने में भी 2 से 3 महीने का समय लगता है.
और नमक? आप जानते ही होंगे कि समुद्र या खारी झीलों के पानी को उथले खेतों में सुखाकर नमक बनाया जाता है.
इस काम में महीनों लगते हैं. यह बड़ी मेहनत का काम है.
अब हम कैस्टर चीनी की बात करते हैं.
यह बेलिकली साधारण चीनी ही होती है लेकिन इसे बहुत बारीकी से पीसकर उसमें बहुत कम मात्रा में एंटी-केकिंग एजेंट मिलाया जाता है, जो इसे बारीक बनाए रखता है और ढेले नहीं बनने देता.
यह एंटी-केकिंग एजेंट एक रसायन है जिसे ए़डिटिव के रूप में चीनी में मिलाया जाता है. इसे बनाने की प्रक्रिया बड़ी पेचीदा है.
फिर, तेल.
क्या आप जानते हैं कि 100 ग्राम तेल से हमें 884 कैलोरी मिलती हैं?
इतनी कैलोरी में 3698656 जूल ऊर्जा होती है.
किसी औसत सेब फल को प्रति 100 ग्राम खाने से 52 कैलोरी मिलती हैं.
यदि आपको सेब से ही 884 कैलोरी पानी हों तो आपको 17 सेब फल खाने पड़ेंगे.
और क्या आपको पता है कि 100 ग्राम केक से आपको 257 कैलोरी मिलती हैं?
884 कैलोरी पाने के लिए आपको 100 ग्राम वाले केक के 3.43968871595 पीस खाने होंगे.
और केवल कुछ मिनट में ही आप इतनी कैलोरी पा सकते हैं.
अब अंडे की बारी.
कोई मुर्गी लगभग 24-30 घंटों में एक अंडा देती है.
10 से 12 मिनट में एक अंडा उबल जाता है.
उबले अंडे को खाने में लगभग 2 मिनट लगते हैं.
मशीन से गाय को दुहने में 5 मिनट लगते हैं. हाथ से शायद आधा घंटा.
मिल्क प्लांट से होते हुए डेयरी तक पहुंचने में दूध को 2 दिन लगते हैं.
एक ग्लास दूध पीने में 1 मिनट लगता है.
इतनी ज़रा सी चीज़ को बनाने में लगने वाली बेसिक सामग्री को तैयार होने में कई दिन-सप्ताह-महीने लगते हैं. और बहुत सारी चीज़ों की तो हमने चर्चा ही नहीं की.
इन्हें तैयार करने के लिए अनगिनत मनुष्यों और मशीनों को कितनी मेहनत करनी पड़ी.
इस अकेले मफ़िन के लिए न जाने कितने हाथों ने काम किया, कितने लोगों ने अपना पसीना बहाया. कितनी मशीनें रात-दिन चलती रही.
मफ़िन को दोबारा गौर से देखिए. इतना छोटा सा सीधा-सादा ऑब्जेक्ट जिसने शून्य से लेकर पूरी तरह तैयार होने में कितना समय लिया.
तो क्या आपको यह मफ़िन खाना चाहिए? क्या आपको इसे आज न खाकर किसी और दिन के लिए सहेज कर रखना चाहिए? क्या आप इसे बासी होकर सड़ने देंगे?
इस मफ़िन की नियति आपके हाथों में है.
आप, जो कि एक रैंडम मनुष्य हैं.





Leave a comment