नासा ने एक ग्राम एंटी-हाइड्रोजन का मूल्य 62.5 ट्रिलियन डॉलर निर्धारित किया है. एक ट्रिलियन में 1000 अरब या 10 खरब होते हैं. 2006 में 10 मिलीग्राम पॉज़ीट्रॉन (positrons) प्राप्त करने में आनेवाला खर्च 25 करोड़ डॉलर आंका गया था. इस दर से 1 ग्राम पॉज़ीट्रॉन की कीमत 25 अरब डॉलर होती है.

किसी तत्व के प्रतिपदार्थ या एंटीमैटर के 1 किलो जितनी कम मात्रा को उस तत्व की सामान्य मात्रा के साथ विनष्ट करके इतनी विकराल ऊर्जा उत्पन्न की जा सकती है जितनी अब तक बनाए गए सबसे बड़े हाइड्रोजन बम ज़ार बम (Tsar Bomb) के विस्फोट पर निकलती है. यह अनुमान लगाया गया है कि ज़ार बम हीरोशिमा और नागासाकी को नष्ट करनेवाले परमाणु बमों की कुल क्षमता से 1400 गुना अधिक शक्तिशाली है. सैद्धांतिक रूप से यदि आप किसी पदार्थ के एक ग्राम को उस पदार्थ के 1 ग्राम एंटीमैटर से मिलाएं तो लगभग 1.8×10^14 जूल्स या लगभग 43 किलोटन ऊर्जा मिलेगी.

इतनी ऊर्जा निकलने का कारण क्या है? आपको आइंस्टीन के प्रसिद्ध सूत्र E=mc^2 के बारे में पता होगा जिसमें c प्रकाश की गति है जो 29,97,92,458 मीटर प्रति सेकंड है. इसका वर्ग करने पर हमें 89,87,55,17,90,00,00,000 की संख्या या लगभग 9.0×10^16 प्राप्त होता है. यहां M द्रव्यमान किलोग्राम और E ऊर्जा जूल्स में है. इस प्रकार 0.002 किलो (2 ग्राम) गुणा 9.0×10^16 = 1.8×10^14 जूल्स.

इतनी अधिक मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न करने के कारण एंटीमैटर को भविष्य के विनाशक हथियार, ईंधन के स्रोत या एंटीमैटर से चलने वाली प्रणोदक मशीनों (propulsion device) के निर्माण के लिए उपयुक्त माना जा रहा है.

केले के फल एंटीमैटर के रूप में प्रत्येक 75 मिनट में एक पॉज़ीट्रॉन उत्पन्न करते हैं जो इलेक्ट्रॉन के एंटीमैटर के समतुल्य है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि केले में बहुत सूक्ष्म मात्रा में पोटेशियम 40 (potassium 40) होता है जो कि पोटेशियम का प्राकृतिक रूप से मिलनेवाला आइसोटोप है. जब पोटेशियम 40 का क्षय होता है तब ये कभी-कभी एक पॉज़ीट्रॉन छोड़ता है. पॉज़ीट्रॉन एमीशन टोमोग्राफ़ी (Positron emission tomography) या PET स्कैनिंग को न्यूक्लीयर मेडिसिन में इमेजिंग तकनीक के रूप में शरीर की मेटाबोलिक प्रक्रियाओं के अवलोकन व निरीक्षण के लिए प्रयुक्त किया जाता है.

यह सब पढ़कर आप ये न सोच लें कि एंटीमैटर को प्राप्त करना सरल है. इसके निर्माण में इतनी अधिक ऊर्जा लगती है कि एंटीमैटर को ईंधन या हथियार के रूप में प्रयुक्त करना किसी भी तरह से व्यावहारिक नहीं है. सर्न (CERN) का दावा है कि किसी तत्व के एंटीमैटर की एक ग्राम के अरबवें भाग जितनी मात्रा बनाने में कई करोड़ डॉलर और बहुत अधिक समय लग जाता है. उनके अनुसार वर्तमान विधियों से यदि हमें किसी तत्व का 1 ग्राम एंटीमैटर बनाना हो तो इसमें लगभग 100 बिलियन वर्ष लग जाएंगे. (image credit)


Discover more from हिंदीज़ेन : HindiZen

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a comment

Trending

Discover more from हिंदीज़ेन : HindiZen

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading

Discover more from हिंदीज़ेन : HindiZen

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading