आज से बीस साल बाद तुम यह सोचकर निराश हो उठोगे कि तुम्हें वह सब नहीं करना चाहिए था जो तुम कर बैठे. इसीलिए मैं तुमसे कहता हूँ कि अपने पाल गिरा दो और सुरक्षित बंदरगाहों से बहुत दूर चले जाओ. पूर्वी हवाओं को पकड़ कर अपने सपनों की राह पर चलते चलो. जाने कितना कुछ अभी खोजने के लिए है! – मार्क ट्वेन
(A quote of Mark Twain – in Hindi)
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10 responses to “सत्य वचन – मार्क ट्वेन”
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मार्क ट्वेन -एक महान विचारक -ऐसे साहित्यकार जिन्होंने अपने जीवन में दो बार हेली का कमेट देखा !
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तो, पाल गिरा दिये जायें ।
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कोई शक!? 🙂
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add your views also, so that the post will look complete.
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Zeal, I’d love to do that but I don’t want to turn it into a personal blog. Occasionally, I add my views and opinions to some posts.
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कभी यह (जिन्दगी) बोझ लगती है तो कभी बहुत छोटी!
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hmm.. Nishu..I agree !
Gyan ji, Mujhe to ye jindagi bahut chhoti lagti hai.
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सच कहा ज़ील, ज़िंदगी वाकई छोटी है, कम-से-कम उम्र के इस दौर में तो मुझे यही लगता है.
… and there is our perspective also which determines our attitude towards life, people, and world.
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वाह!
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m agree wd u,,,,,,,,,,,,gyan ji

आज से बीस साल बाद तुम यह सोचकर निराश हो उठोगे कि तुम्हें वह सब नहीं करना चाहिए था जो तुम कर बैठे. इसीलिए मैं तुमसे कहता हूँ कि अपने पाल गिरा दो और सुरक्षित बंदरगाहों से बहुत दूर चले जाओ. पूर्वी हवाओं को पकड़ कर अपने सपनों की राह पर चलते चलो. जाने कितना कुछ अभी खोजने के लिए है! – 



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