Thich Nhat Hanh

मृत्यु से माया तक

एक युवा दंपत्ति अपने दो वर्षीय पुत्र के साथ रेगिस्तान में भटक गए और उनका भोजन समाप्त हो गया. उनका शिशु काल कवलित हो गया. अपना जीवन बचाने की चेष्टा में पति-पत्नी ने अपने मृत शिशु का मांस खाना ही… Read More ›

How To Treat Anger – क्रोधोपचार

ब्लौगर बंधु अनुराग शर्मा जी ने हाल ही में बहुत मनोयोग से क्रोध के ऊपर कुछ पोस्ट लिखीं हैं जिन्हें आप उनके ब्लॉग पर पढ़ सकते हैं. उनकी एक पोस्ट पर मैंने कमेन्ट करके यह इच्छा की थी कि वे… Read More ›

तीन प्रश्न

(आज मैं आपको लेव तॉल्स्तॉय की एक लघुकथा सुनाता हूँ. यह कहानी उस राजा की है जो अपने तीन प्रश्नों के उत्तर खोज रहा था.) तो, एक बार एक राजा के मन में आया कि यदि वह इन तीन प्रश्नों… Read More ›

Stopping, Calming, Resting, Healing – जागरूकता

एक ज़ेन कहानी में यह वर्णित है कि एक व्यक्ति अनियंत्रित घोड़े पर बैठा कहीं भगा जा रहा है. सड़क पर उसे देखने वाला एक आदमी उससे चिल्लाकर पूछता है, “तुम कहाँ जा रहे हो?!” और घुड़सवार उससे चिल्लाकर कहता है,… Read More ›