Chuang Tzu

बुद्धिमान बालक

किसी नगर में रहनेवाला एक धनिक लम्बी तीर्थयात्रा पर जा रहा था। उसने नगर के सभी लोगों को यात्रा की पूर्वरात्रि में भोजन पर आमंत्रित किया। सैंकडों लोग खाने पर आए। मेहमानों को मछली और मेमनों का मांस परोसा गया।… Read More ›

राजा और धर्मात्मा का संवाद

च्वांग-त्जु एक बार एक राजा के महल में उसका आतिथ्य स्वीकार करने गया। वे दोनों प्रतिदिन धर्म-चर्चा करते थे। एक दिन राजा ने च्वांग-त्जु से कहा – “सूरज के निकलने पर दिए बुझा दिए जाते हैं। बारिश होने के बाद… Read More ›

अमरता का रहस्य

किसी गाँव में एक वैद्य रहता था जो यह दावा करता था कि उसे अमरता का रहस्य पता है। बहुत से लोग उसके पास यह रहस्य मालूम करने के लिए आते थे। वैद्य उन सभी से कुछ धन ले लेता… Read More ›

अँधा बढ़ई

किसी गाँव में एक आदमी बढ़ई का काम करता था। ईमानदारी से काम करके वह जितनी भी कमाता था उसमें वह और उसका परिवार गुज़ारा कर लेते थे। उसकी पत्नी और बच्चे संतुष्ट रहते थे पर स्वयं बढ़ई के मन… Read More ›

The Useless Tree – अनुपयोगी वृक्ष

एक दिन एक व्यक्ति ने च्वांग-त्जु से कहा – “मेरे घर के आँगन में एक बहुत बड़ा वृक्ष है जो बिल्कुल ही बेकार है। इसका तना इतना कठोर और ऐंठा हुआ है कि कोई भी लकड़हारा या बढ़ई उसे काट… Read More ›