साधना

सत्य का धरातल : The Land of Truth

एक बार किसी आदमी को यह लगने लगा कि सामान्य जीवन में परिपूर्णता नहीं है और उसे सत्य की प्राप्ति करनी चाहिए. उसने ज्ञानी गुरु की खोज करना शुरू कर दिया. उसने बहुत से ग्रन्थ पढ़े, कई मठों में प्रवेश… Read More ›

संयम और संगीत ही साधना है

सुबह जा चुकी है. धूप गर्म हो रही है और मन छाया में चलने को है. एक वृद्ध अध्यापक आये हें. वर्षों से साधना में लगे हैं. तन सूख कर हड्डी हो गया है. आंखें धूमिल हो गयी हैं और… Read More ›

प्रसन्नता या शांति?

एक दिन बातों ही बातों में एक अन्तरंग मित्र यह पूछ बैठे, “तुम बहुत अच्छी बातें शेयर करते हो और तुमसे बातें करके अच्छा लगता है. लेकिन तुम हमेशा शांति की बात क्यों करते हो? प्रसन्नता, आनंद, और उत्सव की… Read More ›

Walking on Water – पानी पर चलना

तीन संन्यासियों ने एक साथ बैठकर ध्यान करने का निश्चय किया. वे एक छोटे तालाब के पास बैठ गए और अपना आसन जमाने के बाद ध्यान करने लगे. अचानक ही उनमें से एक उठा और बोला – “मैं अपनी चटाई… Read More ›

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