शासन

योग्य शत्रु का सम्मान

अपने गुरु चाणक्य के कुशल मार्गदर्शन में चन्द्रगुप्त मौर्य ने नंद वंश के अंतिम सम्राट घननंद को पराजित कर दिया और मगध का सम्राट बन गया. युद्ध में नंद राज्य के मंत्री और सेनापति या तो मारे गए या बंदी… Read More ›

जैसा राजा, वैसी प्रजा

ईसापूर्व भारत में मगध के सम्राट बिंबिसार की राजधानी कुशागपुर में थी. एक समय नगरी पर एक विचित्र विपत्ति टूट पड़ी. किसी-न-किसी के घर में रोज़ ही आग लग जाती थी. नगरवासियों के सावधान रहने पर भी कहीं-न-कहीं आग लगती… Read More ›

आदर्श राज्य का निर्माण

चीन में एक समय चोरों का बड़ा आतंक था. राज्य की राजधानी में ची युंग नामक एक व्यक्ति था जो किसी भी व्यक्ति का चेहरा देखकर यह बता देता था कि वह व्यक्ति चोर है या नहीं. सामनेवाले व्यक्ति के… Read More ›

शासक और शेर

कन्फ्यूशियस और उनके शिष्यों का जीवन सुरक्षित नहीं था. उनके ज्ञान और सत्यप्रियता के कारण राजनैतिक और धार्मिक हल्कों में बहुत से लोग उनसे डरते थे और उन्हें हानि पहुँचाना चाहते थे. कन्फ्यूशियस और उनके शिष्य एक प्रान्त से दूसरे… Read More ›

राजा और धर्मात्मा का संवाद

च्वांग-त्जु एक बार एक राजा के महल में उसका आतिथ्य स्वीकार करने गया। वे दोनों प्रतिदिन धर्म-चर्चा करते थे। एक दिन राजा ने च्वांग-त्जु से कहा – “सूरज के निकलने पर दिए बुझा दिए जाते हैं। बारिश होने के बाद… Read More ›

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