गुरू-शिष्य

The Disciple and the Horse – शिष्य और घोड़ा

गुरु की कठोर एवं संयमित दिनचर्या से प्रभावित होकर शिष्य ने उनका अनुसरण करने का निश्चय कर लिया और सबसे पहले उसने पुआल पर सोना शुरु कर दिया. गुरु को शिष्य के व्यवहार में कुछ परिवर्तन दिखाई दे रहा था…. Read More ›

वर्तमान

“सदैव वर्तमान में उपस्थित रहने से आपका क्या तात्पर्य है?”, शिष्य ने गुरु से पूछा. गुरु ने शिष्य को एक छोटी जलधारा के पार तक चलने के लिए कहा. जलधारा के बीच कुछ दूरी पर पड़े पत्थरों पर चलकर वे… Read More ›

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