Zen Stories

भूलना

एक आगंतुक ने मठ के प्रमुख संन्यासी से पूछा, “इस मठ में आप क्या सिखाते हैं?” संन्यासी ने कहा, “भूलना”. आगंतुक बोला, “क्या भूलना?” संन्यासी ने कहा, “मैं भूल गया”.

परिवर्तन

ज़ेन शिष्य ने गुरु से पूछा, “मैं दुनिया को बदलना चाहता हूँ? क्या यह संभव है?” गुरु ने पूछा, “क्या तुम दुनिया को स्वीकार कर सकते हो?” शिष्य ने कहा, “नहीं, मैं इसे स्वीकार नहीं कर सकता. यहाँ युद्ध, गरीबी,… Read More ›

मन और पत्थर

एक ज़ेन शिष्य ने गुरु से प्रश्न किया, “ज़ेन में ऐसा क्या है जो बहुत बुद्धिमान लोग भी इसे समझ नहीं पाते?” ज़ेन गुरु उठे, उन्होंने एक पत्थर उठाया और पूछा, “यदि झाड़ियों से एक शेर निकलकर हमारी ओर बढ़ने… Read More ›

प्रवाह

  एक ज़ेन शिष्य ने गुरु से पूछा, “क्या आप मुझे जीवन में सदैव काम आनेवाली सलाह देंगे?” गुरु ने कहा, “अवश्य, हर परिस्थिति के अनुरूप स्वयं में परिवर्तन लाते रहो.” शिष्य ने कहा, “हम्म… क्या आप मुझे कुछ सरल… Read More ›

प्रश्न

ज़ेन मॉनेस्ट्री में पधारे एक आगंतुक ने पूछा, “आप लोग यहाँ क्या करते हो?” मास्टर ने कहा, “हम कुछ नहीं करते”. वे टहल रहे थे. आगंतुक ने एक संन्यासी को कपड़े धोते देखा और पूछा, “आप तो कह रहे थे… Read More ›

घृणा

  एक ज़ेन संन्यासी ने अपने गुरु से पूछा, “हमें अपने शत्रुओं से कैसा व्यवहार करना चाहिए?” गुरु ने कहा, “तुम अपने शत्रुओं से केवल घृणा ही कर सकते हो?” शिष्य ने अचरज से कहा, “ऐसा कहकर क्या आप घृणा… Read More ›

उचित-अनुचित

“क्या आप उचित-अनुचित में विश्वास करते हैं?”, युवक ज़ेन संन्यासी ने अपने गुरु से पूछा. गुरु ने उत्तर दिया, “नहीं, मैं इनमें विश्वास नहीं करता.” “लेकिन कल ही मैंने आपको एक निर्धन व्यक्ति को दान देते देखा. यदि आप उचित… Read More ›

नियंत्रण

  एक व्यापारी ने ज़ेन गुरु से पूछा, “आप कैसे कह सकते हैं कि हमारे जीवन में नियंत्रण का अभाव है? यह मैं ही निश्चित करता हूँ कि मुझे नींद से कब जागना है, अन्य कोई व्यक्ति मुझे यह करने… Read More ›

कुछ नहीं

एक प्रसिद्द फिल्म अभिनेत्री ज़ेन मॉनेस्ट्री गयी और बोली, “जब मैं अभिनेत्री नहीं थी तब मैं ‘कुछ नहीं’ थी. मैं कुछ बनना चाहती थी. इसके लिए मैंने बहुत मेहनत की. मुझे वह सब मिला जिसकी मैंने कभी ख्वाहिश की थी…. Read More ›

बाँस की तरह बनो : Be Like the Bamboos

ज़ेन गुरु जंगल की पथरीली ढलान पर अपने एक शिष्य के साथ कहीं जा रहे थे. शिष्य का पैर फिसल गया और वह लुढ़कने लगा. वह ढलान के किनारे से खाई में गिर ही जाता लेकिन उसके हाथ में बांस… Read More ›

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