Tao Stories

आदर्श राज्य का निर्माण

चीन में एक समय चोरों का बड़ा आतंक था. राज्य की राजधानी में ची युंग नामक एक व्यक्ति था जो किसी भी व्यक्ति का चेहरा देखकर यह बता देता था कि वह व्यक्ति चोर है या नहीं. सामनेवाले व्यक्ति के… Read More ›

राजा और धर्मात्मा का संवाद

च्वांग-त्जु एक बार एक राजा के महल में उसका आतिथ्य स्वीकार करने गया। वे दोनों प्रतिदिन धर्म-चर्चा करते थे। एक दिन राजा ने च्वांग-त्जु से कहा – “सूरज के निकलने पर दिए बुझा दिए जाते हैं। बारिश होने के बाद… Read More ›

आनंद के चार कारण

लाओ-त्ज़ु एक मोटा फ़र का कोट पहनकर अपनी कमर पर एक रस्सी से उसे बांधकर अपने बैल पर यहाँ से वहां घूमता रहता था। अक्सर वह छोटे से इकतारे पर आनंद विभोर होकर गीत गाने लगता। एक दिन किसी ने… Read More ›

अमरता का रहस्य

किसी गाँव में एक वैद्य रहता था जो यह दावा करता था कि उसे अमरता का रहस्य पता है। बहुत से लोग उसके पास यह रहस्य मालूम करने के लिए आते थे। वैद्य उन सभी से कुछ धन ले लेता… Read More ›

मनहूस पेड़

एक आदमी के बगीचे में एक पेड़ था। बगीचा छोटा था और पेड़ ने उसे पूरी तरह से ढंक रखा था। एक दिन आदमी के पड़ोसी ने उससे कहा – “ऐसे पेड़ मनहूस होते हैं। तुम्हें इसे काट देना चाहिए।”… Read More ›

The Stolen Axe – गुम हुई कुल्हाड़ी

लाओ-त्ज़ु ने अपने शिष्यों से एकदिन कहा – “एक आदमी की कुल्हाड़ी कहीं खो गयी। उसे घर के पास रहनेवाले एक लड़के पर शक था कि कुल्हाड़ी उसने ही चुराई है। जब भी आदमी उस लड़के को देखता, उसे लगता… Read More ›

अँधा बढ़ई

किसी गाँव में एक आदमी बढ़ई का काम करता था। ईमानदारी से काम करके वह जितनी भी कमाता था उसमें वह और उसका परिवार गुज़ारा कर लेते थे। उसकी पत्नी और बच्चे संतुष्ट रहते थे पर स्वयं बढ़ई के मन… Read More ›

The Useless Tree – अनुपयोगी वृक्ष

एक दिन एक व्यक्ति ने च्वांग-त्जु से कहा – “मेरे घर के आँगन में एक बहुत बड़ा वृक्ष है जो बिल्कुल ही बेकार है। इसका तना इतना कठोर और ऐंठा हुआ है कि कोई भी लकड़हारा या बढ़ई उसे काट… Read More ›

The Taoist Farmer – एक ताओ कहानी

किसी गाँव में एक किसान रहता था। उसके पास एक घोड़ा था। एक दिन वह घोड़ा अपनी रस्सी तुडाकर भाग गया। यह ख़बर सुनकर किसान के पड़ोसी उसके घर आए। इस घटना पर उसके सभी पड़ोसियों ने अफ़सोस ज़ाहिर किया।… Read More ›

Happy Fish – प्रसन्न मछलियां

एक दिन च्वांग-त्जु और उसका एक मित्र एक तालाब के किनारे बैठे हुए थे। च्वांग-त्जु ने अपने मित्र से कहा – “उन मछलियों को तैरते हुए देखो। वे कितनी आनंदित हैं।” “तुम स्वयं तो मछली नहीं हो” – उसके मित्र… Read More ›