Sufi Stories

खोटा सिक्का

यह एक सूफी कथा है. किसी गाँव में एक बहुत सरल स्वभाव का आदमी रहता था. वह लोगों को छोटी-मोटी चीज़ें बेचता था. उस गाँव के सभी निवासी यह समझते थे कि उसमें निर्णय करने, परखने और आंकने की क्षमता… Read More ›

ईश्वर का प्रेमी : The Lover of God

गड़रिया मार्ग में प्रार्थना कर रहा था: “हे ईश्वर, तू कहां है? मैं तेरी मदद करना चाहता हूं. मैं तेरे जूते झाड़ना और तेरे बालों में कंघी करना चाहता हूं. मैं तेरे कपड़े धोना और लीखें निकालना चाहता हूं.” “जब… Read More ›

सत्य का धरातल : The Land of Truth

एक बार किसी आदमी को यह लगने लगा कि सामान्य जीवन में परिपूर्णता नहीं है और उसे सत्य की प्राप्ति करनी चाहिए. उसने ज्ञानी गुरु की खोज करना शुरू कर दिया. उसने बहुत से ग्रन्थ पढ़े, कई मठों में प्रवेश… Read More ›

How to Purify the World? – संसार की शुद्धि

सूफी गुरु इब्न-अल-हुसैन से एक शिष्य ने पूछा – “दुनिया में शांति और पवित्रता कैसे आएगी?” हुसैन ने कहा – “दमिश्क में अबू मूसा अल-कुमासी नामक एक शेख रहता था. उसके इल्म और अच्छाई की सब मिसाल देते थे लेकिन… Read More ›

Zun-nun’s Story – लिबास

बहुत पुरानी बात है. मिस्र देश में एक सूफी संत रहते थे जिनका नाम ज़ुन्नुन था. एक नौजवान ने उनके पास आकर पूछा, “मुझे समझ में नहीं आता कि आप जैसे लोग सिर्फ एक चोगा ही क्यों पहने रहते हैं!?… Read More ›

प्रार्थना : प्रेम और समर्पण

प्रार्थना क्या है? – प्रेम और समर्पण. जहां प्रेम नहीं है, वहां प्रार्थना नहीं है. प्रेम के स्मरण में एक अद्भुत घटना का उल्लेख है. नूरी, रक्काम एवं कुछ अन्य सूफी फकीरों पर काफिर होने का आरोप लगाया गया था… Read More ›

This too shall pass – यह भी गुज़र जाएगा

एक सूफ़ी कहानी है फरीदुद्दीन अत्तार की लिखी हुई. जब मैने इसे पढ़ा तो लगा कि यह हमें जीवन में अनित्यता का बोध करा सकती है. अत्तार ने एक दरवेश के बारे में लिखा जो रोज़ रात को बिलानागा बंदगी करता था. जो… Read More ›

Solomon’s Ring – राजा की अंगूठी

किसी ज़माने में कहीं एक राजा था जिसका राज दूर-दूर तक फैला हुआ था। अपने दरबार में उसने बहुत सारे विद्वानों को सलाहकार नियुक्त किया हुआ था। एक दिन वह कुछ सोचकर बहुत परेशान हो गया और उसने सलाह लेने… Read More ›

परमात्मा की पुकार

ईरान के सूफ़ी महाकवि हाफ़िज़ {ख्वाज़ा शमसुद्दीन मुहम्मद हाफ़िज़-ए-शीराज़ी (1315 – 1390)} का दीवान अधिकाँश ईरानियों के घर में पाया जाता है. उनकी कविताएँ और सूक्तियां हर मौके पर पढ़ी और प्रयुक्त की जाती हैं. यह घटना उस समय की… Read More ›

सुल्तान और शेख़ : A Sultan and A Sheikh

बहुत समय पहले ऑटोमन साम्राज्य का सुल्तान इस्तांबुल के एक महान सूफी शेख के दर्शन के लिए गया. वह शेख के ज्ञान और चरित से बहुत प्रभावित हो गया और शेख के समागम में नियमित रूप से उपस्थित होने लगा…. Read More ›

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