Stories

क्या आप अपने बच्चों को इस तरह बड़ा करना पसंद करेंगे?

आज के दौर में टीवी और स्मार्टफ़ोन वगैरह के बिना रहने की लोग सोच भी नहीं पाते. हमारे देश में तो ग्रामीण क्षेत्रों में रहनेवाली एक बड़ी आबादी अभी भी इनसे वंचित है लेकिन शहरी संपन्न लोगों के घरों में… Read More ›

यदि आप यह पढ़ रहे हैं तो कुछ क्रिएट करने के लिए तैयार हो जाइए

यह मेरे बलॉगर मित्र दारियस फ़ोरू (Darius Foroux) की पोस्ट If You’re Reading This, It’s Time For You To Create Something का अनुवाद है जो उनकी लिखित अनुमति से पोस्ट किया जा रहा है. मैं न तो कोई सतही आदमी… Read More ›

नए ब्लॉगरों के लिए ज़रूरी सलाह

हरदीप असरानी कानपुर में रहते हैं और इनके दो प्रिंसिपल इंट्रेस्ट हैः वर्डप्रेस और प्रो-रेसलिंग. हरदीप वर्डप्रेस डेवलपर हैं और वर्डप्रेस थीम्स और प्लगिन बनाते हैं. ये Theme Isle के सपोर्ट निंजा / डेवलपर हैं. मुझे हरदीप के बारे में… Read More ›

तुम्हारे दोस्त नहीं चाहते कि तुम सफल हो…

बुरा मत मानना यदि मैं कहूं कि तुम्हारे ज्यादातर दोस्त नहीं चाहते कि तुम सफल हो. वे नहीं चाहते कि तुम नाकामियों की बंदिशें तोड़कर आज़ाद हो सको. वे तुम्हें असफल होते देखना चाहते हैं. ये ज़रूरी नहीं कि वे… Read More ›

मनुष्य की उदासी -The Sadness of Man

मनुष्य गहरी निराशा के क्षणों में अकेला बैठा था. तब सभी जीव-जंतु उसके निकट आए और उससे बोलेः- “तुम्हें इस प्रकार दुखी देखकर हमें अच्छा नहीं लग रहा. तुम्हें हमसे जो भी चाहिए तुम मांग लो और हम तुम्हें वह… Read More ›

अच्छे पॉइंट्स – The Good Points

सौ साल से भी पहले सं. रा. अमेरिका के महान उद्योगपति जॉन डी. रॉकफ़ेलर के स्वामित्व में स्टैंडर्ड ऑइल कंपनी विश्व की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक थी. एक दिन कंपनी में काम करनेवाले एक कर्मचारी ने एक गलत… Read More ›

भले आदमी की परछांई : The Shadow of a Noble Man

बहुत पुरानी बात है. कहीं एक भला आदमी रहता था जो सभी से असीम प्रेम करता था और सारे जीवों के प्रति उसके ह्रदय में अपार करुणा थी. उसके गुणों से प्रसन्न होकर ईश्वर ने उसके पास अपना देवदूत भेजा…. Read More ›

दूसरों के दुःख : Others’ Sorrows

हिमालय के पर्वतों पर कहीं एक ज्ञानी महात्मा रहते थे. अनुयाइयों और श्रृद्धालुओं द्वारा बहुत तंग किये जाने के कारण उन्होंने पर्वतों पर ही एकाकी और सरल जीवन व्यतीत करना बेहतर समझा. लेकिन उसकी प्रसिद्धि इतनी अधिक थी कि उनके… Read More ›

जैसा बांटोगे, वैसा पाओगे

किसी गांव में एक किसान रहता था जो मक्का उगाता था. उसे हर साल सबसे अच्छे मक्का उगानेवाले किसान का पुरस्कार मिलता था. एक अखबार का रिपोर्टर उसका इंटरव्यू लेने के लिए आया और उसने किसान से बेहतरीन मक्का उगाने… Read More ›

आलू, अंडे, और कॉफ़ी – Potatoes, Eggs, and Coffee

बुरे दिनों के दौरान एक बेटी ने अपने पिता से कहा, “ये समय कितना कठिन है! मैं अब बहुत थक गई हूं, भीतर-ही-भीतर टूट गई हूं. जब तक हम एक मुसीबत से दो-चार होते हैं तब तक नई मुसीबतें मुंह… Read More ›

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