Paulo Coelho

ऊँट और आलोचक : The Camel and the Critic

एक प्रशासक, एक कवि, एक चित्रकार, और एक आलोचक – ये चारों एक ऊँट के साथ रेगिस्तान से गुज़र रहे थे.  एक रात यूंही वक़्त बिताने के लिए उन्होंने सोचा कि वे यात्रा के साथी अपने ऊँट का वर्णन करें. प्रशासक टेंट… Read More ›

दो नगीने : Two Jewels

किसी शहर में एक रब्बाई (यहूदी पुजारी) अपनी गुणवती पत्नी और दो प्यारे बच्चों के साथ रहता था. एक बार उसे किसी काम से बहुत दिनों के लिए शहर से बाहर जाना पड़ा. जब वह दूर था तब एक त्रासद… Read More ›

The Old Laws – प्राचीन प्रथा

मरू-प्रदेश की भूमि में बहुत कम फल उपजते थे. अतः ईश्वर ने अपने पैगंबर को पृथ्वी पर यह नियम पहुंचाने के लिए कहा, “प्रत्येक व्यक्ति दिन में केवल एक ही फल खाए”. लोगों में मसीहा की बात मानी और दिन… Read More ›

प्रयास करते रहें

पाब्लो पिकासो ने कभी कहा था, “ईश्वर बहुत अजीब कलाकार है. उसने जिराफ बनाया, हाथी भी, और बिल्ली भी. उसकी कोई ख़ास शैली नहीं है. वह हमेशा कुछ अलग करने का प्रयास करता रहता है.” जब आप अपने सपनों को… Read More ›

बुराई : The Evil

निक्सिवान ने अपने मित्रों को रात्रिभोज पर बुलाया था और वह स्वयं रसोई में उनके लिए बेहतरीन शोरबा बना रहा था. थोड़ा चखने पर उसे लगा कि उसमें नमक कम था. रसोई में नमक ख़त्म हो गया था इसलिए उसने… Read More ›

दर्पण : The Mirror

एक बहुत धनी युवक रब्बाई के पास यह पूछने के लिए गया कि उसे अपने जीवन में क्या करना चाहिए. रब्बाई उसे कमरे की खिड़की तक ले गए और उससे पूछा: “तुम्हें कांच के परे क्या दिख रहा है?” “सड़क… Read More ›

मैं दुनिया नहीं बदल सकता

पाउलो कोएलो से रूस की कात्या यूलिआंका ने पूछा, “आप संयुक्त राष्ट्र के शांतिदूत (Messenger of Peace) हैं. विश्व में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए आपकी भूमिका क्या है?”. पाउलो कहते हैं: मैं हमेशा से ही उन लोगों को संशय… Read More ›

चूहा और किताबें : Mouse and Books

यह छोटी सी कहानी पाउलो कोएलो के ब्लौग से ली गयी एक पोस्ट का अनुवाद है. यह स्पष्ट नहीं है  कि यह पाउलो कोएलो का निजी संस्मरण है या उन्हें किसी अन्य पाठक द्वारा भेजी गयी कहानी. जब मैं डॉ…. Read More ›

He Needs Your Hand – ईश्वर के हाथ

गुरु और शिष्य रेगिस्तान से गुज़र रहे थे. गुरु यात्रा में हर क्षण शिष्य में आस्था जागृत करने के लिए ज्ञान देते रहे थे. “अपने समस्त कर्मों को ईश्वर को अर्पित कर दो” – गुरु ने कहा – “हम सभी… Read More ›

आलोचक

(यह पोस्ट पाउलो कोएलो ने अपने ब्लौग में लिखी है) मुझे अक्सर मेरे प्रिय पाठक ई-मेल करके बताते हैं कि उन्हें मेरी किसी नई किताब का रिव्यू या आलोचना पढ़कर बहुत बुरा लगा क्योंकि वे उस रिव्यू या आलोचना से… Read More ›

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