Paulo Coelho

भले आदमी की परछांई : The Shadow of a Noble Man

बहुत पुरानी बात है. कहीं एक भला आदमी रहता था जो सभी से असीम प्रेम करता था और सारे जीवों के प्रति उसके ह्रदय में अपार करुणा थी. उसके गुणों से प्रसन्न होकर ईश्वर ने उसके पास अपना देवदूत भेजा…. Read More ›

वसीयत – Respect my wishes

मृत्युशय्या पर जैकब ने अपनी पत्नी सारा को बुलवाया और उससे कहाः ‘प्रिय सारा, मैं अपनी वसीयत करना चाहता हूं. मैं अपने सबसे बड़े बेटे अब्राहम को आधी संपदा देना चाहता हूं. वह बहुत धर्मनिष्ठ है.’ ‘अरे, ऐसा न करो,… Read More ›

दूसरों के दुःख : Others’ Sorrows

हिमालय के पर्वतों पर कहीं एक ज्ञानी महात्मा रहते थे. अनुयाइयों और श्रृद्धालुओं द्वारा बहुत तंग किये जाने के कारण उन्होंने पर्वतों पर ही एकाकी और सरल जीवन व्यतीत करना बेहतर समझा. लेकिन उसकी प्रसिद्धि इतनी अधिक थी कि उनके… Read More ›

Narcissus – नरगिस की कहानी

अल्केमिस्ट ने वह किताब पढ़ने के लिए उठाई जिसे कारवां में कोई अपने साथ लाया था. पन्ने पलटने पर उसे किताब में नारसिसस की कहानी दिखी. अलकेमिस्ट को नारसिसस की कहानी के बारे में पता था. नारसिसस एक युवक था… Read More ›

पेंचकस – Screwdriver

इस घटना का ज़िक्र पाउलो कोएलो ने अपने ब्लॉग में किया है: अपनी मृत्यु से कुछ समय पहले मेरे श्वसुर ने अपने पूरे परिवार को बुलाया. वे बोले, “मैं यह मानता हूँ कि मृत्यु हमारे लिए दूसरी दुनिया में प्रवेश… Read More ›

दोस्ती की आग – The Fire of Friendship

अली नामक एक नौकर को रुपयों की सख्त ज़रूरत थी. उसने अपने मालिक से मदद मांगी. मालिक ने उसके सामने एक शर्त रखीः यदि अली पहाड़ की चोटी पर पूरी एक रात बिता देगा तो मालिक उसे बड़ा ईनाम देगा,… Read More ›

सत्य का मार्ग – The True Path

गुरु गेहूं के एक खेत के समीप खड़े थे, तब उनका शिष्य एक समस्या लेकर उपस्थित हुआ और बोलाः “सत्य की प्राप्ति की ओर ले जानेवाला मार्ग कौन सा है? मैं उसकी खोज कैसे करूं?” गुरू ने उससे पूछा, “तुम… Read More ›

बेल्ट – Belt

82 वर्षीय वांग त्सिंग अर्जेंटीना में रहते हैं और इस उम्र में भी युवाओं को चीनी मार्शल आर्ट “ताई ची” सिखाते हैं. ताई ची एक प्राचीन मार्शल आर्ट है, जिसमें अनेक शारीरिक क्रियाएं करते समय सांस पर नियंत्रण रखा जाता… Read More ›

सज़ा – The Punishment

यह किस्सा ईरान का है. खुसरो प्रथम के नाम से ईरान का शासक बनने से बहुत पहले खुसरो एक गुरुकुल में रहता था और उसके गुरु उसे समस्त शास्त्र और विद्या में पारंगत करने के लिए प्रतिबद्ध थे. एक दिन… Read More ›

यादों का नमक – Memories and salt

पाउलो कोएलो का यह संस्मरण उनके ब्लॉग से लिया गया हैः सुबह आठ बजे मैं मैड्रिड पहुंच गया. यहां मुझे कुछ घंटे ही रुकना था इसलिए मैंने यह तय किया कि कुछ दोस्तों को फोन करके मुलाकात की जाए. फिर… Read More ›

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