Buddhist Stories

Yajnadatta, the Mad Man – यज्ञदत्त का सर

बौद्ध सुरंगम सूत्र में श्रावस्ती के एक विक्षिप्त व्यक्ति यज्ञदत्त की कथा है. कथा में कहा गया है कि एक दिन यज्ञदत्त ने दर्पण में स्वयं की छवि देखकर यह सोचा कि दर्पण में दिख रहे व्यक्ति का सर है. यह विचार… Read More ›

मृत्यु से माया तक

एक युवा दंपत्ति अपने दो वर्षीय पुत्र के साथ रेगिस्तान में भटक गए और उनका भोजन समाप्त हो गया. उनका शिशु काल कवलित हो गया. अपना जीवन बचाने की चेष्टा में पति-पत्नी ने अपने मृत शिशु का मांस खाना ही… Read More ›

गांठ : The Knots

एक दिन बुद्ध प्रातः भिक्षुओं की सभा में पधारे. सभा में प्रतीक्षारत उनके शिष्य यह देख चकित हुए कि बुद्ध पहली बार अपने हाथ में कुछ लेकर आये थे. उनके हाथ में एक रूमाल था. बुद्ध के हाथ में रूमाल… Read More ›

84th Problem – 84वीं समस्या

किसी व्यक्ति ने जब बुद्ध की ख्याति सुनी तो वह उनके दर्शन और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उनके पास गया. जैसा हम सबके जीवन में प्रायः होता है, वह किसान भी अनेक कठिनाइयों का सामना कर रहा था…. Read More ›

Teaching the Ultimate – सर्वोच्च सत्य

बहुत पुरानी बात है. जापान में लोग बांस की खपच्चियों और कागज़ से बनी लालटेन इस्तेमाल करते थे जिसके भीतर जलता हुआ दिया रखा जाता था. एक शाम एक अँधा व्यक्ति अपने एक मित्र से मिलने उसके घर गया. रात… Read More ›

The Essence of Buddha-dharma – बुद्ध के धर्म का सार

पो चीन के तांग राजवंश में उच्चाधिकारी और कवि था. एक दिन उसने एक पेड़ की शाखा पर बैठे बौद्ध महात्मा को ध्यान करते देखा. उनके मध्य यह वार्तालाप हुआ: पो: “महात्मा, आप इस पेड़ की शाखा पर बैठकर ध्यान… Read More ›

लाल फूल वाला पेड़

बहुत पुरानी बात है. किसी राज्य में लोग लाल फूल वाले एक पेड़ की बात किया करते थे लेकिन किसी ने भी कभी उस पेड़ को नहीं देखा था. उस राज्य में चार राजकुमार भाई थे. उन सभी ने उस… Read More ›

How To Treat Anger – क्रोधोपचार

ब्लौगर बंधु अनुराग शर्मा जी ने हाल ही में बहुत मनोयोग से क्रोध के ऊपर कुछ पोस्ट लिखीं हैं जिन्हें आप उनके ब्लॉग पर पढ़ सकते हैं. उनकी एक पोस्ट पर मैंने कमेन्ट करके यह इच्छा की थी कि वे… Read More ›

मोक्ष

मैं शांति, आनंद और मुक्ति की बातें कर रहा हूं. जीवन की वही केंद्रीय खोज है. वह पूरी न हो तो जीवन व्यर्थ हो जाता है. कल यही कह रहा था कि एक युवक ने पूछा, “क्या सभी को मोक्ष… Read More ›

Butter and Stones – पत्थर और घी

सदियों पहले किसी पंथ के पुरोहित नागरिकों के मृत संबंधी की आत्मा को स्वर्ग भेजने के लिए एक कर्मकांड करते थे और उसके लिए बड़ी दक्षिणा माँगते थे. उक्त कर्मकांड के दौरान वे मंत्रोच्चार करते समय मिट्टी के एक छोटे… Read More ›

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