साहित्यकार

ममता

नॉर्वे की महान लेखिका सिग्रिड अनसेट (Sigrid Undset) को १९२८ में साहित्य का नोबल पुरस्कार देने की घोषणा की गई। उन दिनों आज की तरह संचार माध्यम नहीं थे – ख़बरों को दुनिया भर में फैलने में कुछ समय लग… Read More ›

जार्ज बर्नार्ड शा की कमाई

इंग्लैंड के प्रसिद्द साहित्यकार-नाटककार जार्ज बर्नार्ड शा को प्रारम्भ में बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने अपनी चिर-परिचित शैली में कहा है – “जीविका के लिए साहित्य को अपनाने का मुख्य कारण यह था कि लेखक को पाठक देखते… Read More ›

आचार्य द्विवेदी का ‘स्मृति-मन्दिर’

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की पत्नी न तो बहुत सुन्दर थीं न ही विद्वान्, लेकिन वह उनकी आदर्श अर्धांगिनी ज़रूर थीं। इसी नाते वह उनसे बहुत प्रेम करते थे. वह गाँव में ही रहा करती थीं। उन्होंने दौलतपुर (रायबरेली) में… Read More ›

निराला का दान

कल आदरणीय ज्ञानदत्त जी ने और यूनुस भाई ने इवान तुर्गेनेव वाली कहानी के भारतीय सन्दर्भ के बारे में खूब याद दिलाया। आपके सामने प्रस्तुत है महाकवि निराला की वह कथा, या प्रसंग कह लें: एक बार निराला को उनके… Read More ›

दानी कौन?

सुप्रसिद्ध रूसी लेखक इवान तुर्गेनेव अत्यन्त कुलीन व संपन्न परिवार में जन्मे थे। एक बार उन्हें रास्ते में एक बूढा भिखारी दिखाई दिया। उसके होंठ ठण्ड से नीले पड़ चुके थे और मैले हांथों में सूजन थी। उसकी हालत देखकर… Read More ›

कीचड में पत्थर न मारो

एक बार किसी साधारण विद्वान् ने उर्दू-फारसी का एक कोश प्रकाशित करवाया और इस कोश का इतना अधिक प्रचार-प्रसार किया कि लोग बिना देखे ही उस कोश की प्रशंसा करने लगे। उर्दू के प्रसिद्द शायर मिर्जा ग़ालिब ने जब वह… Read More ›

सलाह

महान उपन्यासकार सिंक्लेयर लुईस को किसी कॉलेज में लेखक बनने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों को लंबा लैक्चर देना था। लुईस ने लैक्चर का प्रारम्भ एक प्रश्न से किया: “आप सभी में से कितने लोग लेखक बनना चाहते हैं?” सभी… Read More ›

Follow

Get every new post delivered to your Inbox.

Join 7,790 other followers