साहित्यकार

तीन संत

यह लेव तॉल्स्तॉय की बहुत प्रसिद्द कहानी है. रूस के ऑर्थोडॉक्स चर्च के आर्चबिशप को यह पता चला कि उसके नियमित प्रवचन में भाग लेने वाले बहुत से लोग एक झील के पास जाने लगे हैं. उस झील के बीच… Read More ›

परमात्मा की पुकार

ईरान के सूफ़ी महाकवि हाफ़िज़ {ख्वाज़ा शमसुद्दीन मुहम्मद हाफ़िज़-ए-शीराज़ी (1315 – 1390)} का दीवान अधिकाँश ईरानियों के घर में पाया जाता है. उनकी कविताएँ और सूक्तियां हर मौके पर पढ़ी और प्रयुक्त की जाती हैं. यह घटना उस समय की… Read More ›

प्रयोजन

एक दिन महान मध्ययुगीन इटालियन कवि दांते एलीघरी एक चिड़ियाघर के पास से गुज़रे और उन्होंने एक पिंजड़े में कैद शेर को देखा. पिंजड़े के भीतर बेबस बैठे शेर ने दांते के ह्रदय में एक अमर छंद रच दिया जो… Read More ›

जॉर्ज लुईस बोर्खेज़

जॉर्ज लुईस बोर्खेज़ [Jorge Francisco Isidoro Luis Borges Acevedo (1899 – 1986)] अर्जेंटीना के महान विचारक थे. वैसे तो वे कवि, कथाकार, निबंधकार, अनुवादक, और पत्रकार भी थे पर मैं उन्हें मुख्यतः विचारक ही मानता हूँ. उनके लेखन पर सर्वेंटीज़,… Read More ›

साहिर लुधियानवी का एक किस्सा

शायद ही ऐसा कोई उर्दू शायरी का दीवाना और पुराने फिल्मी गीतों का प्रेमी होगा जो साहिर लुधियानवी के नाम से अपरिचित होगा. उन्होंने बेहतरीन गज़लें, नज़्में, और फिल्मी गीत लिखे जिन्हें लोग आज भी गाते-गुनगुनाते हैं. बंबई फिल्म जगत… Read More ›

प्रेमचंद का कोट

हिंदी के महानतम कथाकार प्रेमचंद का जीवन अत्यंत सादगीपूर्ण था. उनके पास एक पुराना कोट था जो फट गया था लेकिन वे उसी को पहने रहते थे. उनकी पत्नी शिवरानी देवी ने कई बार उनसे नया कोट बनवाने के लिए… Read More ›

अमृता प्रीतम का एक प्रसंग

अपने लेखन के शुरुआती दिनों से जुड़ा एक प्रसंग अमृता प्रीतम ने एक पत्रिका के स्तम्भ में बताया:- “वो दिन आज भी मेरी आँखों के सामने आ जाता है… और मुझे दिखती है मेरे पिता के माथे पर चढ़ी हुई… Read More ›

मूर्ख युवक का संकल्प

मालव राज्य की राजकुमारी विद्योत्तमा अत्यंत बुद्धिमान और रूपवती थी. उसने यह प्रण लिया था कि वह उसी युवक से विवाह करेगी जो उसे शास्त्रार्थ में हरा देगा. विद्योत्तमा से विवाह की इच्छा अपने मन में लिए अनेक विद्वान् दूर-दूर… Read More ›

प्रोत्साहन

दुनिया में सफलता प्राप्ति के हजारों ऐसे किस्से हैं जो सिर्फ प्रियजन या मित्र से केवल प्रोत्साहन के दो शब्द पाकर ही लोगों की नज़रों में आ सके. यदि प्रोत्साहन के वे शब्द नहीं कहे गए होते तो सफलता संदिग्ध… Read More ›

जॉर्ज बर्नार्ड शा के रोचक किस्से

इस ब्लौग के नियमित पाठक श्री सुशील कुमार छौक्कर ने जॉर्ज बर्नार्ड शा के किस्सों की फरमाइश की है. असाधारण प्रतिभाशाली महान लेखक शा के खब्तीपन के सैंकडों किस्से बिखरे हुए हैं और इस बात का पता नहीं चलता कि… Read More ›