बाल-कथाएं

बुद्ध प्रसंग

महर्षि रमण और उनके शिष्य अनासक्ति के विषय पर चर्चा कर रहे थे. महर्षि ने कहा – “भारतवर्ष में सदियों पहले ही किसी कवि ने अपने छंद में लिखा था ‘प्रभु, तुमने मुझे तन ढंकने के लिए कपड़ा और भोजन… Read More ›

डेविड और गोलिएथ की कहानी

किसी गाँव में गोलिएथ नामक दैत्य बार-बार आकर वहां के निवासियों को खा जाता था. एक दिन गाँव में डेविड नामक 15 वर्षीय गड़रिया अपने मित्र से मिलने के लिए आया. उसने अपने मित्र से पूछा – “तुम सभी मिलकर… Read More ›

दो बंदरों की कहानी

कल मैंने आपको कुछ बंदरों की कहानी पढ़वाई थी जो कुँए में दिख रहे चंद्रमा को वास्तविक चंद्रमा समझकर उसे निकालने का प्रयास करते हैं लेकिन पेड़ की डाली टूट जाने के कारण बेचारे कुँए में गिरकर मर जाते हैं…. Read More ›

मूर्ख बंदर और चंद्रमा

एक रात एक छोटा बंदर कुँए पर पानी पीने के लिए गया. जब उसने कुँए में झाँककर देखा तो उसे पानी में चंद्रमा झिलमिलाता हुआ दिखाई दिया. यह देखकर वह बहुत डर गया और दूसरे बंदरों को यह बात बताने… Read More ›

आदमी और दैत्य

एक बार एक आदमी घने जंगल में रास्ता भटक गया. यहाँ-वहां रास्ता ढूंढ़ते-ढूंढ़ते उसे बहुत रात हो गई. सर्दी का महीना था और वह भूखा-प्यासा ठण्ड के मारे ठिठुरता हुआ अँधेरे में ठोकरें खाता रहा. कहीं दूर उसे रौशनी दिखाई… Read More ›

गरुड़ और कौवे की कहानी

एक दिन एक कौवे ने विशालकाय गरुड़ पक्षी को भेड़ का एक छोटा मेमना अपने पंजे में दबाये हुए अपने घोंसले की और उड़ते देखा. “बढ़िया भोजन पाने का यह अच्छा तरीका है” – कौवे ने सोचा – “मैं भी… Read More ›

रट्टू तोता

किसी आदमी के पास एक बहुत शानदार तोता था. आदमी ने तोते को केवल एक शब्द ‘बेशक’ बोलना सिखा दिया. एक रात उस आदमी ने गाँव में अलग-अलग स्थानों में कुछ धन गाड़ दिया. अगली सुबह वह अपने तोते को… Read More ›

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