कौन सी बात किसी सफल व्यक्ति को औसत व्यक्ति से अलग करती है?

कहीं एक किसान अपने दो पुत्रों के साथ रहता था. किसान बूढ़ा हो चला था इसलिए उसने तय किया कि वह अपने पुत्रों को खेती-बाड़ी सौंपकर शेष जीवन आराम से व्यतीत करेगा. उसने दोनों पुत्रों को बुलाया और उनसे कहा कि सारी खेती-बाड़ी छोटे पुत्र को मिलेगी.

यह सुनकर बड़े पुत्र को बहुत बुरा लगा, उसने विरोध प्रकट करते हुए कहा, “आप मेरे साथ यह अन्याय कैसे कर सकते हैं?!”

पिता ने शांति से बैठकर कुछ सोचा. फिर बड़े पुत्र से कहा, “ठीक है. तुम मेरे लिए एक काम करो. हमें कुछ और गायें खरीदने की ज़रूरत है. तुम पड़ोसी से मिलकर पता लगाओ कि उसके पास हमें बेचने के लिए कुछ गायें हैं या नहीं?”

बड़ा पुत्र थोड़ी देर में ही पड़ोसी से मिलकर आ गया और उसने बताया, “पिताजी, पड़ोसी के पास बेचने के लिए 6 गायें हैं.”

पिता ने बड़े पुत्र को उसके काम के लिए धन्यवाद दिया, फिर छोटे पुत्र को बुलाकर उससे भी वही बात कही, “तुम मेरे लिए एक काम करो. हमें कुछ और गायें खरीदने की ज़रूरत है. तुम पड़ोसी से मिलकर पता लगाओ कि उसके पास हमें बेचने के लिए कुछ गायें हैं या नहीं?”

छोटा पुत्र भी यह काम करने के लिए निकल गया. वह भी थोड़ी देर बाद वापस आया और उसने पिता को बताया, “पिताजी, पड़ोसी के पास 6 गायें बिकाऊ हैं. हर गाय की कीमत 2,000 रुपए है. यदि हम तीन से अधिक गायें खरीदेंगे तो वह हर गाय की कीमत में से 200 रूपए की छूट देगा. उसने यह भी कहा कि उसके पास अगले हफ्ते खास किस्म की जर्सी गायें आनेवाली हैं इसलिए यदि हमें जल्दी न हो तो थोड़ा इंतजार करना बेहतर रहेगा. लेकिन यदि हमें गायें तुरंत ही चाहिए तो वह कल सुबह तक गायें हमारे घर छोड़ जाएगा. आप बताएं कि कितनी गायें कब तक खरीदनी हैं ताकि मैं उससे और अच्छी डील कर सकूं.”

पिता ने छोटे पुत्र को भी प्रयास करने के लिए धन्यवाद दिया. फिर उसने बड़े पुत्र से कहा, “तुम समझ ही गए होगे कि मैं खेती-बाड़ी तुम्हारे छोटे भाई को क्यों सौंप रहा हूं.”

सफल व्यक्ति किसी भी काम को अलग तरह से करते हैं

ज्यादातर लोग केवल उतना ही करते हैं जितना उनसे कहा जाता है. वे कम-से-कम परिश्रम करके जल्दी-से-जल्दी काम पूरा कर देना चाहते हैं. ऐसे व्यक्तियों से कोई खास काम करवाना हो तो उन्हें बहुत सारे निर्देश और हिदायतें देनी पड़ती हैं.

इसके विपरीत सफल होनेवाले व्यक्तियों में किसी भी काम को परफ़ेक्शन की सीमा तक पूरा करने की ललक होती है, काम भले ही कितना भी छोटा और आसान हो. ऐसे व्यक्तियों को या उनके काम को मैनेज करने के लिए उनके सर पर सवार नहीं रहना पड़ता. ऐसे व्यक्तियों को काम सौंपकर आप निश्चिंच हो सकते हैं. ऐसे व्यक्ति केवल काम को पूरा ही नहीं करते बल्कि उसे परिपूर्ण करते हैं. यहां उस अंतर की बात हो रही है जो किसी चीज को फ़िनिश करने में और उसे कम्प्लीट करने में है. ऐसे व्यक्ति काम को केवल पूर्ण ही नहीं करते बल्कि उसके आगे की रूपरेखा भी बना सकते हैं और योजनाओं का भविष्य भी निर्धारित कर सकते हैं.

अपने भावी जीवन में सफल होने की प्रबल संभावना रखने वाले व्यक्ति आगे बढ़कर काम को हाथ में लेते हैं. वे कठिन कामों को हाथ में लेते हैं. वे चुनौतयों का सामना करने के लिए तत्पर रहते हैं. वे लोगों से मिलकर समस्याओं का समाधान निकालने, प्रश्न करने, सुझाव देने, सहायता करने, और अपने विचारों को प्रस्तुत करने में निपुण होते हैं.

सफल होने का अर्थ है चीजों को हाथों में आने का इंतजार करने की बजाए उन्हें आगे बढ़कर थाम लेना. सफल व्यक्ति खुद को बचाने में नहीं बल्कि युद्ध में झोंकने में यकीन रखते हैं. ये पैसिव नहीं बल्कि एक्टिव होते हैं.

हर संगठन में ऐसे गिने-चुने लोग होते हैं जिन्हें खोना बहुत कठिन होता है. इन कार्मिकों के काम की भरपाई हर कोई नहीं कर सकता. हर ऑफ़िस में ज्यादातर लोग इस कहानी के बड़े पुत्र जैसे होते हैं. ऐसे व्यक्तियों के काम की कोई कीमत नहीं होती. उनका काम कोई भी कर सकता है. वे वही करते हैं जो उनसे कहा जाता है. वे हमेशा किसी की अधीनता, नियंत्रण, और प्रबंधन में ही काम करते हैं.

अपने बल-बूते पर अपनी क्षमता से अधिक काम करने के लिए बहुत संकल्प शक्ति और ऊर्जा चाहिए. इसमें कई खतरे भी होते हैं. जिन कामों को कोई करने के लिए तैयार नहीं हो रहा हो उनमें सफल नहीं होने की संभावना बहुत अधिक होती है.

इसके विपरीत औसत जिम्मेदारी के साथ सौंपे गए काम को सपाट तरीके से करने में कोई जोखिम नहीं होता. यह बिल्कुल डिफ़ेंसिव और सेफ़ गेम खेलने जैसी बात है.

निष्कर्ष

क्या आप ऐसे इनीशिएटर हैं जो कठिन काम को हाथ में लेने से नहीं डरते? आप चाहें तो बन सकते हैं.

लेकिन यदि आप किसान के बड़े पुत्र की तरह हैं यह जान लें कि जीवन से आपको जो कुछ भी मिलेगा वह हमेशा औसत ही रहेगा.


मीडियम.कॉम पर बहुत प्रसिद्ध लाइफ़ कोच बेंजामिन पी. हार्डी की पोस्ट का अनुवाद. मैंने अनुवाद करने के दौरान बेंजामिन के पाठ का विस्तार किया है.

Photo by Federico Respini on Unsplash

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