यदि आप यह पढ़ रहे हैं तो कुछ क्रिएट करने के लिए तैयार हो जाइए

यह मेरे बलॉगर मित्र दारियस फ़ोरू (Darius Foroux) की पोस्ट If You’re Reading This, It’s Time For You To Create Something का अनुवाद है जो उनकी लिखित अनुमति से पोस्ट किया जा रहा है.


मैं न तो कोई सतही आदमी हूं न ही मैं ज़रूरत से ज्यादा आशावादिता रखता हूं. मैं हवाई किले नहीं बनाता. उड़नेवाले घोड़ों में मुझे यकीन नहीं है. मैं मानता हूं कि मैं बहुत संदेही प्रकृति का व्यक्ति हूं.

उदाहरण के लिए, मैं यह नहीं मानता कि बहुत अधिक प्रयास करने से एक दिन आप वह बन ही जाएंगे जो आप बनना चाहते हो. मैं यह मानता हूं कि ज़िंदगी में कोई भी महत्वपूर्ण बात आसानी से नहीं होती.

और ज़िंदगी के साथ यह सब चलता रहता है. सभी लोग आपके साथ सज्जनता से पेश नहीं आते. आपको इन सारी बातों से डील करना पड़ता है. मोटी खाल का व्यक्ति बन जाना आपके लिए ज़रूरी है.

लेकिन सारे संदेहों के बाद भी मुझमें एक आशावादी विचार प्रबल है.

मैं यह मानता हूं कि इस दुनिया में हर व्यक्ति में एक ऐसा हुनर या टैलेंट है जिससे वह लोगों को वाकिफ़ करा सकता है, उन्हें कुछ वैल्यू दे सकता है.

मैं यह नहीं कह रहा हूं कि आप खुद के बारे में सब अच्छा-अच्छा ही सोचने लगें. मैं एक ही बात कहता हूं जिस पर आपको गंभीरता से सोचना चाहिए, और वह यह है कि हर व्यक्ति में दुनिया को कुछ-न-कुछ देने की काबिलियत है.

दुनिया में किस तरह के व्यक्ति हैं?

  • कठोर व्यक्ति
  • सीधे-सादे व्यक्ति
  • शानदार व्यक्ति
  • बेवकूफ़ व्यक्ति

इन चारों कैटेगरीज़ में अमूमन सभी व्यक्ति आ जाते हैं.

मैं ऐसा क्यों कह रहा हूं? अपने चारों ओर देखिए. देखिए कि आप कौन से प्रोडक्ट इस्तेमाल करते हैं, कौन सी बाइक चलाते हैं, कौन सा म्यूज़िक सुनते हैं, कौन सी फ़िल्में देखते हैं.

अब उन लोगों के बारे में सोचिए जिन्होंने ये सारी चीज़ें क्रिएट कीं. वे सभी आपकी तरह ही हाड़-मांस के बने इंसान हैं. वे कोई स्वर्ग से नहीं उतरे हैं. यदि वे यह कर सकते हैं तो आप भी कर सकते हो.

मेरे कहने का यह मतलब नहीं है कि घटिया आवाज़ होने के बावजूद भी आप सिंगिंग सुपरस्टार बन सकते हो, लेकिन आप वह तो बन ही सकते हो जिसमें आप अच्छे हो! ज़रूरत इस बात का पता लगाने की है कि आपमें कौन सा हुनर या कैसा टैलेंट है.

स्टीव जॉब्स ने अपनी प्रसिद्ध स्पीच में जीवन और सफलता का रहस्य बयां किया था. उसने कहा था:

“जब तुम बड़े हो जाते हो तो तुम्हें बताया जाता है कि दुनिया ऐसी ही है. और इसी दुनिया में तुम्हें ‘अपनी जिंदगी’ किसी तरह बितानी है. ऐसे में तुम अपने इर्ग-गिर्द खड़ी दीवारों से मत भिड़ो. अपना खुशहाल परिवार बसाओ, आनंद से जियो, कुछ पैसा बचाओ.

क्योंकि तुम्हारी ज़िंदगी बहुत सीमित है.

एक सिंपल फ़ैक्ट को जान लेने के बाद ज़िंदगी को नया विस्तार मिल सकता है. वह फैक्ट यह है: तुम्हारे चारों ओर वह सब जिसे तुम ज़िंदगी कहते हो और ज़िंदगी का हिस्सा मानते हो, उसे उन लोगों ने बनाया था जो तुमसे बहुत ज्यादा स्मार्ट नहीं थे. तुम इन सभी चीज़ों को बदल सकते हो, उन्हें नई शक्ल में ढाल सकते हो, तुम अपने लिए ऐसी चीज़ें बना सकते हो जिन्हें दूसरे भी इस्तेमाल कर सकें.

और जब तुम यह जान जाओगे तो तुम वही शख्स नहीं रहोगे.”

कुछ समझे? आप भी कोई नई चीज़ क्यों नहीं क्रिएट कर सकते? इस सवाल का जवाब एक और सवाल में है: आपकी वह ‘चीज़’ क्या है?

  • आपके पास किन बातों का अनुभव है?
  • आपमें किस तरह के स्किल्स हैं?
  • आपमें कौन सा टैलेंट है?
  • आप लोगों को कौन सी काम की बात बता सकते हो?

आपके सामने दो ही रास्ते हैं.

आप कुछ ऐसा करो या क्रिएट करो जो लोगों के लिए उपयोगी हो.

आप लोगों का मनोरंजन करो.

यह कैसे होगा? आपको अपने भीतर झांककर देखना है कि आपमें क्या है जो बेहतर है… आप दुनिया को क्या दे सकते हो? कुछ आइडियाज़ मैं दे रहा हूं:

  • आप कोई गीत लिख सकते हो, गा सकते हो?
  • आप कोई मज़ेदार वीडियो बना सकते हो?
  • आप कोई आर्टिकल लिख सकते हो?
  • आप कोई सामान… जैसे कुर्सी बना सकते हो?
  • आप कोई ब्यूटी प्रोडक्ट बना सकते हो?
  • तुम कोई नई तरह का टूल बना सकते हो?
  • आप किसी को किसी चीज़ में ट्रेन कर सकते हो?

इन सब कामों के लिए आपको ज्यादा मोटीवेशन नहीं चाहिए. आपको सिर्फ शुरुआत करनी है. जिस भी चीज़ में आप अच्छे हों उसे पहचानने और कुछ नया करने या क्रिएट करने की दिशा में आपको पहला कदम उठाना है.

आपको अपने वीडियो के पहले सीन के बारे में, अपने आर्टिकल के पहले पैराग्राफ़ के बारे में, अपने प्रोडक्ट के पहले डिज़ाइन के बारे में सोचना है.

आपको अपनी मदद करने के साथ-साथ औरों की मदद करने के बारे में सोचना है. आपको हर चीज़ में वैल्यू जोड़ने के बारे में सोचना है.

और आपको मेरे साथ मिलकर यह दोहराना है: यदि दूसरे यह कर सकते हैं तो मैं क्यों नहीं कर सकता?

आपका समय शुरू होता है ‘अब’!


darius-forouxDarius Foroux is the author of ‘Massive Life Success’ and founder of ‘Procrastinate Zero’. He uses tested methods and frameworks to share ideas for overcoming procrastination, improving productivity, and achieving more. Connect with him on Twitter | Facebook | Instagram

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About Nishant Mishra

Nishant studied art history and literature at the university during 1990s. He works as a translator in New Delhi, India and likes to read about arts, photography, films, life-lessons and Zen.

There are 12 comments

  1. Rohtash Nimi

    निशांत जी आपने सही कहा की हर एक व्यक्ति में कोई ना कोई हुनर होता है उस हुनर को पहचानो और अपने स्टाइल में अच्छे से एन्जॉय करते हुआ उस हुनर में आगे बढ़ो. क्युकी अगर हमने अपने हुनर को एक काम की तरह सोच लिया तो हम जल्दी ही उससे बोर हो जायगे. दुनिया क्या कहती इसकी परवाह मत करो जब तक आप सच्चाई के रास्ते पे हो.

    मैने इसका एक ताजा उधारन देखा दो दिन पहले एक चाय वाला जो सारा दिन लोगो को चाय पिला रहा था लेकिन उसके रहने का स्टाइल और बोलने का स्टाइल एक दम अगल था दुसरे चाय बनाने वालो से. सीर पर एक भगत सिंह वाली टोपी , सफ़ेद पायजामा कुरता और सारा दिन गाने गाते हुआ लोगो को चाय देना मुझे काफी अच्छा लगा. और दूसरी बात वो वहा का सभी का चेहता और एक सफल व्यक्ति था.

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  2. नई विचारधारा

    बहुत ही अच्छी बातें बताई आपने सर ……अगर हम सब अपने-अपने हुनर को पहचान लें तो हम सबों की ज़िन्दगी बदल जायेगी …. ऐसे post लिखने के लिए , धन्यवाद सर …………

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