काश ये 11 बातें मुझे तब पता होतीं जब मैं 20 साल का था

यह निक हैरालाम्बूस की Medium पोस्ट Advice from 30 year old me to 20 year old me का अनुवाद है.

Thank you, Nic, for your consent.


मैं हाल ही में 30 साल का हो गया. कुछ बहुत अजीब कारणों से मेरे मन में अभी भी इस बात को लेकर कोई उमंग नहीं है. लेकिन जब मैं अपनी उम्र के तीसरे दशक का अवलोकन करता हूं तब मेरा ध्यान इस दौर में की गई गलतियों और उनसे सीखे सबक की ओर जाता है.

ऐसे में मैंने अपने 20 वर्षीय अक्स को कुछ सलाह देने का निश्चय किया.

1) यात्रा

अभी तुम्हारे ऊपर बहुत कम जिम्मेदारयां हैं इसलिए दुनिया घूमो. जब तुम 30 के होओगो तब तुम कुछ अलग तरीके से यात्रा करना चाहोगे, तुम उन पर थोड़ा और खर्चोगे, महंगी चीजों को आजमाओगे, अच्छे रेस्तरां में खाना पसंद करोगे. इसलिए साल भर तक काम करके तुम इतना पैसा कमा लो कि कम खर्च में दुनिया की सैर करने का लुत्फ़ उठा सको.

तुम यह कैसे जानते हो कि तुम क्या करना चाहते हो जबकि तुम जानते ही नहीं हो कि तुम क्या कर सकते हो?

सिर्फ सबसे माकूल जगहों की यात्रा मत करो.

मुश्किल जगहों की यात्रा करो.

सीखने के लिए यात्रा करो.

खोजने के लिए यात्रा करो.

उन जगहों की यात्रा करो जो तुम्हें यह सोचने के लिए चैलेंज करें कि तुम क्या बनना चाहते हो.

2) कुछ बनाओ

दूसरों के वीज़न पर काम करने या दूसरों की मीटिंग्स अटैंड करने में अपना वक्त ज़ाया मत करो. यह जानने की कोशिश करो कि दुनिया को लेकर तुम्हारा खुद का नज़रिया क्या है (पॉइंट नं.1 देखो) और तुम अपनी ज़िंदगी को किस राह ले जाना चाहते हो.

मीटिंग्स ऐसी चीज़ हैं जहां विचार नष्ट हो जाते हैं.

यदि तुम किसी कॉरपोरेट जॉब में हो और तुम्हें यह लगता है कि तुम इसे छोड़ सकते हो तो ऐसा ही करो. छोड़ दो. यदि तुम अभी भी किसी कॉरपोरेट जॉब में नहीं हो तो पॉइंट नं.5 देखो.

3) पढ़ो

हर दिन पढ़ो. जो पढ़ सकते हो पढ़ो. सिर्फ़ उन्हीं चीजों के बारे में नहीं पढ़ो जिन्हें तुम जानते हो. लोगों के बारे में पढ़ो. लोगों को पढ़ो.

4) टीवी देखना बंद करो

इसी समय बंद कर दो. मत देखो. ये तुम्हें किसी मायने मे बेहतर नहीं बना रहा है.

5) कैरियर

कॉरपोरेट जॉब में मत जाओ. हरगिज़ मत जाओ (पॉइंट नं.2 देखो).

6) यकीन

भले ही यह तुम्हारी रिलेशनशिप्स तबाह कर दे फिर भी यकीन करो. भले ही यह तुम्हारे विचार नष्ट कर दे फिर भी यकीन करो. भले ही तुम अपने दोस्तों को खो बैठो. भले ही अंततः तुम इससे दुःख उठाओ. यकीन करो.

लोगों पर तब तक यकीन करो जब तक वे तुम्हें उनपर यकीन न करने का कारण दे दें.

लेकिन तुम भले मत बने रहना. कुछ लोग तुम्हारी लेने के लिए हमेशा तैयार हैं.

7) लोग

लोगों से साबका ही वह सबसे अच्छी और बुरी चीज़ है जो तुम्हारे साथ होगी. कुछ लोग तुम्हें आगे बढ़ने में और तेजी से बढ़ने में मदद करेंगे. कुछ लोग तुम्हें उनके लेवल तक गिराकर शिकस्त दिलवा देंगे. ज्यादातर लोग ठीकठाक हैं. कुछ औसत हैं. कुछ शानदार हैं.

कुछ लोग तुम्हारी ज़िंदगी को हमेशा के लिए बदल देंगे. उन्हें खोजो.

तुम्हें अपने इर्दगिर्द खूब सारे दोस्तों और लोगों की ज़रूरत नहीं है. तुम्हें ऐसे अद्भुत लोग चाहिए जो तुम्हारे लिए उतना करें जितना तुम उनके लिए करो.

ये बहुत सिंपल बात है कि बहुत से औसत दोस्त तुम्हें अकेला छोड़ जाएंगे, और ऐसे में तुम्हें उन लोगों की ज़रुरत महसूस होगी जो तुम्हारी परवाह करें.

8) समय की कीमत

अपना समय उन लोगों पर बर्बाद मत करो जिनपर तुम भरोसा नहीं करते. तुम्हें धोखा देनेवाले प्रेमी पर अपना समय बर्बाद मत करो. उन दोस्तों पर अपना समय बर्बाद मत करो जो तुमसे उस तरह व्यवहार नहीं करते जिस तरह तुम उनसे करते हो (पॉइंट नं.7 देखो).

कभी लेट मत होना.

दूसरों के वक्त की कद्र करो. तुम्हारे लेट होने से यह ज़ाहिर होता है कि तुम दूसरों की और उनके वक्त की परवाह नहीं करते, और यह भी कि तुम उनसे अधिक महत्वपूर्ण हो इसलिए उन्हें इंतज़ार करा सकते हो.

कुछ लोग तुम्हें कहेंगे कि थोड़ा-बहुत लेट हो जाना चलता है. ऐसा नहीं है. कुछ लोग तुम्हें बताएंगे कि वे तो ऐसे ही हैं. ऐसे में तुम्हें उनका पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए (ऊपर पॉइंट नं.7 देखो).

9) असफलता

खूब असफल रहो. अक्सर असफल रहो. प्यार में असफल रहो. सैक्स में असफल रहो. लोगों से घुलने-मिलने में असफल रहो. काम में असफल रहो. बिजनेस में असफल रहो. परिवार में असफल रहो. अपने मौजूदा दोस्तों में असफल रहो.

असफल रहो. लेकिन यह काम भी झट-से करके उससे सबक लो.

यदि असफल हो जाने पर तुम कोई सीख नहीं लेते तो तुमने जो कुछ भी किया वह सरासर असफल ही रहा. जब तुम कुछ सीखते हो तब तुम पनपते हो. हर बार पनपने, सीखने और असफल होने के बाद तुम यह पता लगाने में बेहतर हो जाते हो कि सफल किस तरह होना है.

10) सफलता

ऐसा कोई पॉइंट नहीं है जिसपर तुम सफल हो रहोगे. ट्वेंटीज़ में नहीं. कभी नहीं.

इस फ़ैक्ट को समझ लो और कुछ बनाना शुरु करो (पॉइंट नं.2 देखो और उसे पॉइंट नं.9 से कंबाइन करो).

11) धैर्य

धैर्यवान बनो. ऐसा कुछ ज़रूरी नहीं है जिसे जल्द करना ज़रूरी हो. ऐसा कुछ बनाना ज़रूरी नहीं है जिसे जल्दबाज़ी में बनाना पड़े. कोई भी अहमियत की चीज़ एक मिनट में नहीं बनती.

दशकों का प्लान करो. वर्षों का सोचो. महीनों काम करो. दिनों-दिन जियो.

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Nic_HarryNic Haralambous has spent the last ten years building startups, failing, learning and experiencing business. His areas of focus and expertise include digital strategy, customer service, ecommerce & retail. He’s the founder of NickHarry.com | Nick is at Medium | Twitter | Facebook

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About Nishant Mishra

Nishant studied art history and literature at the university during 1990s. He works as a translator in New Delhi, India and likes to read about arts, photography, films, life-lessons and Zen.

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