The Disciple and the Horse – शिष्य और घोड़ा

गुरु की कठोर एवं संयमित दिनचर्या से प्रभावित होकर शिष्य ने उनका अनुसरण करने का निश्चय कर लिया और सबसे पहले उसने पुआल पर सोना शुरु कर दिया.

गुरु को शिष्य के व्यवहार में कुछ परिवर्तन दिखाई दे रहा था. उन्होंने शिष्य से पूछा कि वह इन दिनों क्या साध रहा है.

“मैं शीघ्र दीक्षित होने के लिए कठोर दिनचर्या का अभ्यास कर रहा हूं,” शिष्य ने कहा.

“मेरे श्वेत वस्त्र मेरी शुद्ध ज्ञान की खोज को दर्शाते हैं, शाकाहारी भोजन से मेरे शरीर में सात्विकता की वृद्धि होती है, और सुख-सुविधा से दूर रहने पर मैं आध्यात्मिक पथ पर अग्रसर होता हूं.”

गुरु मुस्कुराए और उसे खेतों की ओर ले गए जहां एक घोड़ा घास चर रहा था.

“तुम खेत में घास चर रहे इस घोड़े को देखते हो? इसकी खाल सफेद है, यह केवल घास-फूस खाता है, और अस्तबल में भूसे पर सोता है. क्या तुम्हें इस घोड़े में ज़रा सी भी साधुता दिखती है? क्या तुम्हें लगता है कि आगे जाकर एक दिन ये घोड़ा सक्षम गुरु बन जाएगा?”

(~_~)

The master was an austere man, so the disciple decided to lead a life of sacrifice by sleeping on a bed made of straw.

After some time the master noticed a change in his disciple’s behaviour and decided to find out what was happening.

“I am climbing the steps of initiation,” was the answer.

“The white of my garments shows the simplicity of the search, the vegetarian food purifies my body, and the lack of comfort makes me think only of spiritual things.”

Smiling, the master took him to a field where a horse was grazing.

“Do you see that animal over there? His skin is white, he eats only herbs, and he sleeps in a barn with a floor covered in straw. Do you think that he looks like a saint, or that one day he will manage to become a true master?”

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About Nishant Mishra

Nishant studied art history and literature at the university during 1990s. He works as a translator in New Delhi, India and likes to read about arts, photography, films, life-lessons and Zen.

There is one comment

  1. साधक

    नमस्ते सर मैं आपके ब्लाग का नियमित पाठक हूँ । मुझे आपकी सभी कहानियां व पोस्ट बहुत अच्छी लगती हैं । ये कहानी भी मुझे बहुत अच्छी लगी ।आशा है आगे भी इतनी अच्छी पोस्ट पढने को मिलती रहेंगी । धन्यवाद

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