खुशियों के लकी नंबर

एक अकेले दिन में ही आपको अपने फिटनेस गोल्स को पूरा करना है, घर और ऑफिस के ज़रूरी काम निपटाने हैं, और खुद को तरोताजा रखने के लिए थोड़ा मनबहलाव भी करना है. लेकिन आज के माहौल में एक दिन पूरा नहीं पड़ता. ऐसा लगता है कि थोड़ा सा वक्त और मिलता तो बहुत कुछ किया जा सकता था. ऐसे में थोड़े से सुकून के लिए मैं आपको कुछ ऐसे लकी नंबर देती हूं जिनसे आपको बहुत मदद मिलेगी. मैं इन्हें लकी नंबर इसलिए कहती हूं क्योंकि ये आपको कोई ज़रूरी काम कर डालने के लिए बहुत प्रोत्साहित करते हैं. कई विशेषज्ञों ने लंबी-चौड़ी रिसर्च और खोजबीन के बाद इन्हें आजमाया है और ये अपना काम बखूबी करते हैं. ये हैं वे लकी नंबरः

लकी नंबर 2 –

प्रसिद्ध पुस्तक “गेटिंग थिंग्स डन” (Getting Things Done) के लेखक डेविड एलन कहते हैं कि यदि आपको लगता है कि आप किसी काम को 2 मिनट में पूरा कर सकते हैं तो उसे तुरंत कर डालिए! ये “Two-Minute Rule” आपको बहुत से छोटे लेकिन ज़रूरी कामों को झटपट पहली फुर्सत में पूरा कर देने में मदद करेगा और आपके कामों की फेहरिस्त कुछ छोटी तो हो ही जाएगी.

लकी नंबर 5 –

यदि आप घर या दफ्तर में किसी कठिन चीज से जूझ रहे हैं तो “Five-Minute Rule” का प्रयोग करें. काम को ऊबकर या खीझकर टालें नहीं बल्कि खुद से कहें, “मैं इस काम को करने के लिए अच्छे से पूरे 5 मिनट दूंगा और उसके बाद यदि मेरा मन रुकने को कहेगा तो ही रुकूंगा.” अपने मन में लगन विकसित करने के लिए इस नियम का अभ्यास करें और खुद से कहें, “मैं इस प्रोजेक्ट पर कम-से-कम 5 मिनट काम करने के बाद ही उठूंगा.” आप 5 मिनट के बाद भी आप काम करते रहना चाहें तो अच्छी बात है. यदि आप रुक भी जाएं तो भी आपने काम को 5 मिनट तो दे ही दिए… अब आपको काम को 5 मिनट कम देने हैं. लेखक एम जे रायन ने अपनी किताब “This Year I Will” में इसपर बहुत विस्तार से लिखा है.

लकी नंबर 11 –

आप स्वस्थ रहना और लंबी आयु पाना चाहते हैं लेकिन इसके लिए हल्की-फुल्की एक्सरसाइज़ या वॉक करने के लिए एक घंटा भी समय नहीं निकाल पा रहे तो यह टिप आपके काम की है. हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के रोगविज्ञानी आई-मिन ली ने लंबी रिसर्च के बाद यह निष्कर्ष निकाला है कि स्वस्थ रहने और लंबी आयु के लिए रोज़ाना कम-से-कम 11 मिनट की एक्सरसाइज़ करनेवाले लोग एक्सरसाइज़ नहीं करनेवालों से औसतन 1.8 वर्ष अधिक जीते हैं. रोज़ाना थोड़ी सी शारीरिक कसरत करने से ही स्वास्थ्य पर इतना प्रभाव पड़ता है. इससे भी अधिक व्यापक प्रभाव डालनेवाली बात के बारे में अंत में लिखा गया है.

लकी नंबर 15 –

आप अच्छे स्वास्थ्य के लिए या किसी बीमारी या परहेज के कारण बहुत सी चीजों के खाने या पीने पर नियंत्रण रखना चाहते हैं लेकिन कभी-कभी आपका मन ललचा जाता है. आपका मन भी थोड़ी सी और चटपटी चाट या आइसक्रीम खाने को करता है न? या शायद आपको सिगरेट की तलब से निजात नहीं मिल पा रही हो. ऐसी छटपटाहट होने पर लकी नंबर 15 को याद रखें. इस विषय पर की गई रिसर्च से पता चला है कि हमारी अधिकांश उत्कट इच्छाएं लगभग 15 मिनट तक प्रबल बनी रहती हैं. वैज्ञानिक एलन मार्लेट बताते हैं कि ऐसी इच्छाएं लहरों के समान होती है- ये अपनी उठान तक पहुंचती हैं और फिर गिरने लगती हैं. ऐसे में आपके लिए ज़रूरी होगा कि आप इस लहर का शिकार बनने की बजाए उनकी सवारी करें. इस बात को ध्यान में रखें कि आपकी लालसा को कमज़ोर होने में लगभग 15 मिनट का वक्त लगेगा और अपने किसी संकल्प को बनाए रखने के लिए हम 15 मिनटों तक तो कष्ट झेल ही सकते हैं.

लकी नंबर 20 –

आप किसी समस्या के समाधान में जी-जान से जुटे हैं लेकिन कोई हल नहीं निकल रहा. आप ठहरिए, थोड़ा सुस्ताइए. एक ब्रेक ले लीजिए और लगभग 20 मिनटों के लिए कोई बिल्कुल अलहदा चीज करिए. कहीं टहल आइए, दो-तीन गाने सुन लीजिए, आंखें बंद करके लेट जाइए या अपने किसी दोस्त से बातें कर लीजिए. फिर आप अपने काम की ओर लौटिए. बहुत संभव है कि आपको समस्या का हल एक झटके में कौंध जाए. हो सकता है कि हल आपके सामने ही मौजूद रहा हो और आप काम के दबाव में उसे देख नहीं पाए हों. कई बार क्रासवर्ड या सुडोकू करते वक्त आपके सामने ऐसे “अहा” मौके आए होंगे. काम के बीच में छो़टे-छोटे ब्रेक्स लेने का यही फायदा है. असल में जब कभी आप अपने काम के तयशुदा पैटर्न को बदलते हैं तो आपका दिमाग तनाव से मुकाबला करनेवाले रसायनों को सक्रिय कर देता है. दिमाग में आनेवाला यह रासायनिक परिवर्तन आपको राहत देता है और आपकी रचनाशीलता में वृद्धि करता है, जिसके कारण आपको उपाय रहस्यमयी रूप से सूझने लगते हैं. अनुसंधानकर्ता द्वय हर्बर्ट बैंसन और विलियम प्रोक्टर ने इसे “the breakout principle” का नाम दिया.

लकी नंबर 43 –

यदि रोज़ाना 11 मिनट का एक्सरसाइज़ प्रोग्राम आपको बहुत कम लगता है और आपके पास थोड़ा अतिरिक्त समय है तो एक्सरसाइज़ का अधिकतम लाभ उठाने के लिए आपको रोज़ाना औसतन 43 मिनट अपने स्वास्थ्य के लिए समर्पित करने होंगे. ऐसा पाया गया है कि रोज़ाना इतने मिनटों तक एक्सरसाइज़ करनेवालों की औसत आयु दूसरों की तुलना में 4.2 साल अधिक होती है. यदि 43 मिनट कुछ ज्यादा लग रहे हों तो आपके पास 22 मिनटों का विकल्प है जो आपकी जिंदगी में 3.4 साल जोड़ सकता है. इसके बारे में विस्तार से यहां पढ़ें.


This post is © Meg Selig. Meg is the author of Changepower! 37 Secrets to Habit Change Success (Routledge, 2009), on sale here and here. She earned her M.A. Ed. in counseling at Washington University in St. Louis. In addition to her consulting work, she is also an adjunct professor of counseling at St. Louis Community College at Florissant Valley where she teaches a short class on “Habit Change.” Meg lives in St. Louis, Missouri. Her blogs can be found at www.psychologytoday.com/blog/changepower. Follow her on Twitter and Facebook

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About Nishant Mishra

Nishant studied art history and literature at the university during 1990s. He works as a translator in New Delhi, India and likes to read about arts, photography, films, life-lessons and Zen.

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