व्युत्क्रमण – Inversion

बहुत छोटी अवस्था से ही कार्ल जैकोबी (पूरा नाम, कार्ल गुस्ताव जैकब जैकोबी) ने हर विषय पर अपनी गहरी पकड़ बना ली थी लेकिन किशोरवय तक पहुंचते-पहुंचते उसने अपना सारा ध्यान गणित पर केंद्रित कर दिया.

इसका परिणाम यह हुआ कि 25 वर्ष की आयु में वह यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के पद पर पहुंच गया. किसी भी जर्मन यूनिवर्सिटी में वह पहला यहूदी प्रोफेसर था.

यहां हम कार्ल जैकोबी की गणितीय उपलब्धियों पर बात नहीं करेंगे. लेकिन जैकोबी ने गणित में एक ऐसी विधि पर प्रमुखता से काम किया जो हमारे दैनिक जीवन की कठिन से कठिन समस्याओं के समाधान की राह सुझा सकती है.

गणित की उस विधि का नाम है व्युत्क्रमण (उलटाव). इसे अंग्रेजी में inversion कहते हैं.

हमारे जीवन की कठिनाइयों के निवारण में इन्वर्शन हमारी मदद कैसे कर सकता है?

इसके लिए आप किसी ऐसी बात के बारे में सोचिए जिसके होने की आप चाह करते थे लेकिन जो हुई नहीं. शायद आपका चयन किसी खास परीक्षा या नौकरी के लिए नहीं हुआ या किसी खास व्यक्ति से आपका प्रेम प्रसंग या विवाह नहीं हो सका…. कोई भी ऐसी बात जो हो न सकी.

फिर उन कारणों की खोज कीजिए या बातों के बारे में सोचिए जिनकी वज़ह से आपको इन मोर्चों पर असफलता उठानी पड़ी.

शायद आपने किसी खास विषय या लैसन की तैयारी में कमी कर दी होगी. शायद आप इंटरव्यू में किसी सवाल का अपेक्षित उत्तर नहीं दे पाए होंगे. शायद आपने किसी खास व्यक्ति के मन की बात जानने में देरी या समझने में गलती कर दी होगी.

जिस कारण से भी आप असफल हो गए हों उसपर अपना ध्यान केंद्रित करना और उसे दोबारा होने नहीं देना ही आपकी नीति होनी चाहिए. आप पाएंगे कि सफल होने के अधिकाश मामलों में यह फैक्टर काम करता है. जो तत्व आपकी पराजय का कारण बन सकते हों उन्हें अधिक प्रयास और बल का प्रयोग करके परास्त करने पर सफलता का द्वार खुलता है. आप सफल तब होते हैं जब आप असफल होने का कारणों का निदान पर लेते हैं. यही जीवन में व्युत्क्रम का सिद्धांत है.

इसे किसी जटिल समस्या के उत्पन्न होने पर अमल में लाइए. उस सबसे बड़े कारण या खतरे की खोज कीजिए जो आपकी राह का कांटा है, और अपनी सारी शक्ति का प्रयोग उसे राह से हटाने में लगा दीजिए.

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About Nishant Mishra

Nishant studied art history and literature at the university during 1990s. He works as a translator in New Delhi, India and likes to read about arts, photography, films, life-lessons and Zen.

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