प्रलोभन : The Temptation

temptation fruit

शैतान के कुछ शिष्य काहिरा के नज़दीक रहनेवाले एक महात्मा को पतन के मार्ग पर लाने का भरसक प्रयास कर रहे थे. उन्होंने उसे नूबिया की हसीनाएं, मिस्र के लज़ीज़ पकवान, और लीबिया के जवाहरात का प्रलोभन देकर वश में करना चाहा पर उनकी किसी तरकीब ने काम नहीं किया.

एक दिन शैतान की निगाह अपने शिष्यों की कोशिशों पर पड़ गयी. शैतान ने झल्लाते हुए कहा, “नामुरादों! तुमने उस चीज़ को क्यों नहीं आजमाया जिसे फ़रिश्ते भी नज़रंदाज़ नहीं कर सकते!? देखो, मैं तुम्हें यह करके दिखता हूँ!”

महात्मा के करीब जाकर शैतान ने उसके कान में फुसफुसाते हुए कहा, “आपको अपने उस शिष्य की याद है जो सालों तक आपके क़दमों के पास बैठता रहा!? सुना है उसे सिकंदरिया के मठ का महंत बनाया गया है”.

यह सुनते ही महात्मा ने अपना आपा खो दिया और ईश्वर को ऐसा अन्याय करने के लिए लानतें भेजीं!

“आइंदा से हर मुश्किल आदमी के साथ सबसे पहले इसी प्रलोभन का प्रयोग करना”, शैतान ने शिष्यों को यह निर्देश दिया.

“आदमी हर उकसाव और प्रलोभन का संवरण कर सकता है लेकिन अपने से निचले दर्जे के आदमी की जीत कभी बरदाश्त नहीं कर सकता”.

(Hindi translation of a story from the blog of Paulo Coelho)

(~_~)

A group of devils were trying to enter the soul of a holy man who lived near Cairo; they had already tempted him with Nubian women, Egyptian food, Libyan treasure, but nothing had worked.

One day, Satan passed and saw his servants’ efforts.

– You’re hopeless – said Satan. – You haven’t used the only technique no one can resist; I’ll teach you.

He went over to the holy man and whispered in his ear:

– Remember the priest who studied under you? He’s just been made Bishop of Alexandria.

Immediately, the holy man was filled with rage, and blasphemed against God’s injustice.

– The next time, use this temptation – said Satan to his subjects.

“Men can resist almost everything, but they are always jealous of the victory of a fellow man.”

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About Nishant Mishra

Nishant studied art history and literature at the university during 1990s. He works as a translator in New Delhi, India and likes to read about arts, photography, films, life-lessons and Zen.

There are 16 comments

  1. bhagat singh panthi

    अच्छे अच्छो का विपरीत समय में सारा ज्ञान फ़ैल हो जाता है. लेकिन हमेशा ऐसा कुछ होता है की भगवान् अपने सच्चे भक्तों को शैतान की चालों को समझने के लिए कोई छोटी या आश्चर्य जनक घटनाये घटित करता है जिससे भगवन के भक्तों को ईश्वर पर दोवारा भरोसा होने लगता है. और शैतानी चलें फीकी पड़ जाती हैं.

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