सफ़ेद बाल

scissors (2)


एक दाढ़ीवाले आदमी ने नाई की दुकान में जाकर उस्ताद नाई से कहा – “मैं एक और निकाह करने जा रहा हूँ. तुम मेरी दाढ़ी में से सारे सफ़ेद बाल अलग कर दो.”

उस्ताद नाई ने कैंची उठाकर पलक झपकते ही कच्च-कच्च करके पूरी दाढ़ी काट दी और उसे आदमी के हाथ में थमाकर कहा – “मेरे पास वक़्त नहीं है. तुम खुद ही सफ़ेद बाल छांट लो.”

(मसूद फरज़ान की कहानी – A Sufi story by Massud Farzan – in Hindi)



Categories: Sufi Stories

10 replies

  1. वाह बहुत ज्ञानवर्धक गहरी सोच

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  2. एक को छिपाने के लिये सबको रंगना भी पड़ता है ।

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  3. वाह मजेदार कहानी।

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  4. गागर में सागर!

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  5. हा..हा..हा…हा…

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  6. ha ha ha ha ha meze k kuwa tha

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