जॉर्ज लुईस बोर्खेज़

luis borges quoteजॉर्ज लुईस बोर्खेज़ [Jorge Francisco Isidoro Luis Borges Acevedo (1899 – 1986)] अर्जेंटीना के महान विचारक थे. वैसे तो वे कवि, कथाकार, निबंधकार, अनुवादक, और पत्रकार भी थे पर मैं उन्हें मुख्यतः विचारक ही मानता हूँ. उनके लेखन पर सर्वेंटीज़, काफ़्का, और चेस्टर्टन का प्रभाव स्पष्ट दिखता है. उनके नाम को लिखने में यदि मैंने कोई गलती की हो तो यह क्षम्य होना चाहिए. कुछ भाषाओं के शब्दों के सही उच्चारण मिलना मुश्किल है. बोर्खेज़ के लेखन की बानगी देखिए :-

1 – मुझे लगता है कि मनुष्य प्रतिदिन नई-नवेली जुगुप्साओं के समक्ष आत्मसमर्पण करता जायेगा और अंत में केवल सैनिक और राहजन ही बच रहेंगे.

2 – क्या तुम वह देखना चाहते हो जिसे मनुष्य की आँखों ने कभी नहीं देखा? – चाँद को देखो. क्या तुम वह सुनना चाहते हो जो किसी ने कभी नहीं सुना? – पक्षियों का कलरव सुनो. क्या तुम वह छूना चाहते हो जो किसी हाथ ने कभी नहीं छुआ? – पृथ्वी को छुओ. – मैं दावे से कह सकता हूँ कि ईश्वर सृष्टि की रचना करने जा रहा है.

3 – ऐसा हो सकता है कि ब्रह्माण्ड में कहीं किसी बुकशेल्फ पर कोई संपूर्ण पुस्तक रखी हो. मैं अज्ञात देवताओं से यही मनाता हूं कि काश किसी इकलौते आदमी ने हज़ारों साल पहले उस पुस्तक को पढ़ लिया हो. यदि उसे पढ़ने का सम्मान, उससे मिलने वाला ज्ञान और आनंद मुझे नहीं मिले तो किसी और को मिल सके. भले ही मेरा स्थान नर्क में हो पर उस स्वर्ग का अस्तित्व बना रहे. मेरे भाग में दुःख, यातना और विनाश आये, पर सिर्फ एक ही व्यक्ति कम-से-कम एक ही बार उस पुस्तक के औचित्य को जान ले.

(Quotes of Jorge Luis Borges – in Hindi)

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About Nishant Mishra

Nishant studied art history and literature at the university during 1990s. He works as a translator in New Delhi, India and likes to read about arts, photography, films, life-lessons and Zen.

There are 8 comments

        1. Nishant

          ओह. इसका मतलब आगे से मुझे अनुवाद करते समय सावधान रहना पड़ेगा!:)

          हम अनुवादक बहुधा भाव पकड़ने का प्रयास करते हैं. इसमें गलतियाँ होने की संभावना भी होती है. भाषा अपने आप में बहुत से पेंच लिए हैं जिन्हें समझ पाने का दावा करना बहुत मुश्किल है.

          अच्छा लगता है जब आप जैसे अच्छे पाठक विश्लेषण दृष्टि रखते हुए कमेन्ट करते हैं.

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          1. neeti

            Darasal jugupsa samajh mein nahi aayi, isliye quote bhi samajh mein nahi aayi, to original dekhna pad gaya. Jab baat oonchi ho aur kahin koi shabd bhi ooncha sa aa jaye to mushkil ho jata hai pakad pana!

            Waise aapke anya pathakon ki tarah hum bhi bahut shukraguzar hein is site ke, aur itni achi batein/vichaaron ki jankari paane ke liye.

            Google translate ek acha tool hai, shayad aapke kaam ka ho.

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