डेविड और गोलिएथ की कहानी

david and goliath


किसी गाँव में गोलिएथ नामक दैत्य बार-बार आकर वहां के निवासियों को खा जाता था.

एक दिन गाँव में डेविड नामक 15 वर्षीय गड़रिया अपने मित्र से मिलने के लिए आया. उसने अपने मित्र से पूछा – “तुम सभी मिलकर उस दैत्य का सामना क्यों नहीं करते?”

भयभीत मित्र ने डेविड से कहा – “लगता है कि तुमने अभी गोलिएथ को देखा नहीं है. वह इतना विशाल है कि हम उसे मार नहीं सकते!”

डेविड ने कहा – “अच्छा! यदि वह वाकई बहुत विशाल है तो इतना निश्चित है कि उसपर लगाया गया निशाना चूक नहीं सकता”.

और कहते हैं कि डेविड ने एक दिन गोलिएथ पर गुलेल से निशाना साधकर उसे गिरा दिया और पलक झपकते ही उसे अपनी तलवार से मार दिया.

इस कहानी में डेविड की शारीरिक शक्ति नहीं बल्कि उसके नज़रिए ने उसे गोलिएथ पर विजय दिलाई.

(A motivational / inspirational story of David and Goliath – in Hindi)



Categories: बाल-कथाएं

Tags:

9 replies

  1. bilkul sahi,nazariya sahi ho koi kaam mushkil ya naamumkin nahi.sunder kahani.

    Like

  2. बहुत अच्छा लगा।

    धन्यवाद

    Like

  3. aapke vichaar hi aapko vijay banate hain.
    sunda kahani hain

    Like

  4. ysaya budhi balam tasayy.jese kherghosh or sher ki kahani.

    Like

  5. achi bal katha. bacho ke liya prarek kahani.

    Like

  6. Kahani prerak hai, buddhi se kiya hua kam kabhi asafal nahi hota

    Like

  7. सही बात है कभी ऐसी ही कहानी किताब मेँ पढी थी शीर्षक था तीन लुटेरे और रियो कालगिन

    Like

टिप्पणी देने के लिए समुचित विकल्प चुनें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

Follow

Get every new post delivered to your Inbox.

Join 7,787 other followers

%d bloggers like this: