ब्लॉगर या वर्डप्रैस? फ़्री या अपने डोमेन पर?

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यह पोस्ट मैंने ब्लॉगर पर अपना जमा-जमाया ज़ेन-कथा ब्लॉग छोड़कर वर्डप्रैस पर आने और फ़्री होस्टिंग सर्विस को छोड़कर अपना डोमेन लेने के विषय पर लिखी है. ब्लॉगर सबसे पुरानी और प्रसिद्ध सेवा है. वर्डप्रैस अपेक्षाकृत नई सेवा है जिसके उपयोगकर्ता तेजी से बढ़ रहे हैं. दोनों सेवाएँ अच्छी हैं और विविधतापूर्ण हैं. वर्डप्रैस कई मामलों में ब्लॉगर से बेहतर है, हांलाकि ब्लॉगर ज्यादा सरल व सुविधाजनक है. मुझ जैसे कम तकनीकी जानकारी रखने वाले को शुरुआत में वर्डप्रैस के कई फ़ीचर समझ में नहीं आए. ब्लॉगर और वर्डप्रैस की सेवाओं का तुलनात्मक अध्ययन इस पोस्ट में बहुत अच्छे से किया गया है जिसका अनुवाद नीचे कर दिया है. इसे पढ़ने के बाद भी यदि आप किसी निष्कर्ष पर न पहुंच पाएँ तो इसमें कोई अचरज नहीं. यह तुलना मार्च 2009 तक की स्थिति के अनुसार हैः-

टेम्पलेट/थीम और कस्टमाइज़ करने की सुविधा – (ब्लॉगर) – टेम्पलेट लेआउट को एडिट कर सकते हैं, स्टाइल, रंग चुन सकते हैं, थर्ड पार्टी टेम्पलेट लगा सकते हैं. (वर्डप्रैस) – थीम को केवल शुल्क द्वारा अपग्रेड करके बदल सकते हैं. कुछ फ़्री थीम्स में हैडर आदि कस्टमाइज़ कर सकते हैं.

विज़िटर स्टैट्स – (ब्लॉगर) – थर्ड पार्टी ट्रैकर स्क्रिप्ट लगा सकते हैं. (वर्डप्रैस) – ऐडमिन डैशबोर्ड में दैनिक, साप्ताहिक, मासिक स्टैट्स देख सकते हैं.

ब्लॉग इंपोर्ट करना – (ब्लॉगर) – केवल ब्लॉगस्पॉट ब्लॉग से. (वर्डप्रैस) – लगभग सभी सेवाओं से.

इमेज स्टोरेज – (ब्लॉगर) – 1 GB. (वर्डप्रैस) – 3 GB, .ppt, .doc, .pdf फ़ाइलें भी अपलोड कर सकते हैं.

इमेज गैलरी – (ब्लॉगर) – पिकासा वेब एल्बम. (वर्डप्रैस) – पोस्ट या पेज पर ‘गैलरी’ का टैग लगाकर.

ई-मेल से पोस्टिंग – (ब्लॉगर) – संभव है. ई-मेल से पोस्टें प्राप्त भी की जा सकती हैं (टीम ब्लॉग के लिए सुविधाजनक). (वर्डप्रैस) – नहीं.

प्राइवेट ब्लॉग – (ब्लॉगर) – चाहें तो केवल गूगल अकाउंट धारकों को ऍक्सेस दे सकते हैं. (वर्डप्रैस) – 35 वर्डप्रैस अकाउंट धारकों को ऍक्सेस दे सकते हैं, अधिक के लिए अपग्रेड करना होगा. किसी भी पोस्ट को पासवर्ड प्रोटेक्ट कर सकते हैं या प्राइवेट बना सकते हैं

कॉन्टैक्ट फ़ार्म – (ब्लॉगर) – थर्ड पार्टी कॉन्टैक्ट फ़ार्म (सी-बॉक्स, कॉन्टैक्टिफ़ाई) लगा सकते हैं. (वर्डप्रैस) – ‘कॉन्टैक्ट-फ़ार्म’ टैग किसी भी पोस्ट या पेज पर लगा सकते हैं.

टीम ब्लॉग सुविधा – (ब्लॉगर) – केवल ऍडमिनिस्ट्रेटर और नॉन-ऍडमिनिस्ट्रेटर. (वर्डप्रैस) – ऍडमिनिस्ट्रेटर, ऍडिटर, ऑथर, और कॉन्ट्रिब्यूटर.

कमेंटिंग – (ब्लॉगर) – वर्ड वेरीफ़िकेशन, मॉडरेशन संभव. कमेंट ऐडिटिंग संभव नहीं. (वर्डप्रैस) – मॉडरेशन व कमेंट ऐडिटिंग संभव.

इनके अलावा दोनों के विजेट्स में भी भिन्नता है. ब्लॉगर के ये विजेट्स वर्डप्रैस में नहीं हैः- फ़ौलोवर्स, स्लाइडशो, लिस्ट, साइडबार में चित्र, ऍडसेंस, ब्लॉगर प्रोफ़ाइल, आदि. वर्डप्रैस के ये विजेट्स ब्लॉगर में नहीं उपलब्ध हैः- पेज, स्टैट्स, मैटा, टैग क्लाउड, ब्लॉग में सर्च, टॉप/रीसेंट पोस्ट/कमैंट, आदि.

इनके अलावा भी ब्लॉगर और वर्डप्रैस में कई भिन्नताएं हैं जो इतनी तकनीकी हैं कि मैं अधिकारपूर्वक उनपर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता.

ब्लॉगर और वर्डप्रैस की सेवा शर्तों में सबसे बड़ा अंतर यह है कि वर्डप्रैस पर आप अपने ब्लॉग के मालिक हैं जबकि ब्लॉगर पर आपके ब्लॉग का स्वामित्व गूगल के पास होता है. ब्लॉगर पर अपने ब्लॉग में ब्लॉगस्पॉट डोमेन से मुझे कोई समस्या नहीं थी लेकिन यह आपको कहीं-न-कहीं सीमित रखता है. वर्डप्रैस के साथ भी यही बात है. आप चाहें तो वर्डप्रैस को अपने सर्वर पर लोड/होस्ट कर सकते हैं या किसी होस्टिंग सर्विस प्रोवाइडर को मामूली वार्षिक शुल्क देकर अपना डोमेन खरीद सकते हैं. फ़िलहाल ब्लॉगर इसके लिए $10/- और वर्डप्रैस $15/- का शुल्क प्रतिवर्ष लेता है. मेरे ब्लॉग की पोस्टों की पठनीयता सर्वकालिक है, आप उन्हें दस साल बाद भी पढ़ सकते हैं, वे पुरानी नहीं पड़ेंगीं. यही कारण है कि मैं अपने ब्लॉग के लिए एक स्थाई प्लेटफ़ार्म चाहता था. इसलिए मैंने तो काफ़ी सोचविचार करने के बाद अपने डोमेन पर जाने का निर्णय लिया. आप भी यदि अपने ब्लॉग के लिए कभी अपना डोमेन लेना चाहें तो भरपूर सोचविचार करके जानकारों से राय लेकर ही कोई कदम उठाएं क्योंकि एक बार अपना डोमेन लेने के बाद आपको उससे हमेशा के लिए बंध कर रहना पड़ेगा.

किसी नतीजे पर न पहुंच पाने के बाद मैंने वर्डप्रैस को चुन लिया. इसके तीन कारण हैं. पहला – यह ओपन-सोर्स आधारित है, दूसरा – इसमें फ़ीलगुड फ़ैक्टर ब्लॉगर की तुलना में अधिक है, तीसरा – मैं अपनी ब्लॉगिंग को पेशेवर अंदाज़ में करना चाहता हूँ.

आप इस विषय पर क्या सोचते हैं, कृपया बताएं.

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About Nishant Mishra

Nishant studied art history and literature at the university during 1990s. He works as a translator in New Delhi, India and likes to read about arts, photography, films, life-lessons and Zen.

There are 25 comments

  1. संगीता पुरी

    मैने तो आपसे उलटा ही किया … पहले वर्डप्रेस पर लिखती थी … अब ब्‍लागस्‍पाट पर लिखती हूं .. वर्डप्रेस के चिट्ठे पर सर्च इंजिन से काफी लोग आते हें … जबकि ब्‍लागस्‍पाट के चिट्ठे पर कम … और कोई विशेष अंतर मुझे नहीं समझ में आया।

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    1. Nishant

      आप सही कहती हैं. मैंने भी अपनी पोस्ट में किसी बहुत बड़े अंतर की बात नहीं की है. ज्यादातर मामलों में यह अपनी-अपनी पसंद की बात ही है. वैसे एक बड़ा अंतर आपने अपने कमेन्ट में स्पष्ट कर दिया है कि “वर्डप्रेस के चिट्ठे पर सर्च इंजिन से काफी लोग आते हें … जबकि ब्‍लागस्‍पाट के चिट्ठे पर कम” – ब्लॉगिंग अधिक से अधिक लोगों को अपनी बात बताने और सन्देश (यदि कोई हो तो) पहुँचाने का माध्यम ही तो है. आभार.

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  2. sidharth

    वर्डप्रेस के चिट्ठे पर सर्च इंजिन से काफी लोग आते हें … जबकि ब्‍लागस्‍पाट के चिट्ठे पर कम”
    ऐसा क्‍यों।

    क्‍या खरीदे बिना ब्‍लॉगर के ब्‍लॉग को वर्डप्रेस पर लाया जा सकता है।

    मैं अपना एक ब्‍लॉग वर्डप्रेस पर लाना चाहता हूं। कैसे किया जाए। जानकारी देंगे तो आभारी रहूंगा।

    एक बात और अब तक आपका फॉलोवर बनकर हर नई पोस्‍ट पर पहुंच जाता था। अब कैसे पता चलेगा कि आपने नई पोस्‍ट लिख दी है।

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    1. Nishant

      सिद्धार्थ जी, “वर्डप्रेस के चिट्ठे पर सर्च इंजिन से काफी लोग आते हें … जबकि ब्‍लागस्‍पाट के चिट्ठे पर कम” ऐसा मैंने कई बार पढ़ा है लेकिन इसके बारे में मैं कुछ नहीं जानता. शायद वर्डप्रेस साईट मेन्टेन करने वाले वर्डप्रेस ब्लौगों का search engine optimization बेहतर करते हों.

      “क्‍या खरीदे बिना ब्‍लॉगर के ब्‍लॉग को वर्डप्रेस पर लाया जा सकता है।” ज़रूर! इसके लिए वर्डप्रेस पर पसंदीदा पते से ब्लौग बनायें और फिर उसके एडमिन मॉड्यूल में जाकर टूल्स के अर्न्तगत इंपोर्ट फीचर का उपयोग करें. निर्देशों का पालन करें और आपका ब्लागस्पाट ब्लौग अपनी सारी पोस्टों और उनकी टिप्पणियों के साथ वर्डप्रेस पर आ जायेगा.

      “एक बात और अब तक आपका फॉलोवर बनकर हर नई पोस्‍ट पर पहुंच जाता था। अब कैसे पता चलेगा कि आपने नई पोस्‍ट लिख दी है।” इसका तरीका यह हो सकता है कि आप किसी रीडर (जैसे गूगल रीडर) में इसकी फीड ले लें. अपनी ई-मेल में भी नई पोस्टों कि फीड ले सकते हैं. आभार.

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    2. नरेश सिँह राठौड

      आप इसके लिये गुगल रीडर्र का उपयोग करे । नयी पोस्ट पढ़ने के लिये आप इसमें कोई भी ब्लोग जोड सकते है । इसके लिये आपको अलग से रजीस्टर भी नही करना पडता है । आप अपने गुगल खाते से ही लोगिन कर सकते है ।

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    1. Nishant

      मेरे पुराने ब्लौग पर मुझे आपके बहुत सारे कमेन्ट मिलते थे. यह कितनी अच्छी बात है कि इस ब्लौग के पहले दिन में भी आपका प्रेरक कमेन्ट आ गया. यकीनन वर्डप्रेस के साथ होने वाले अहसास का कोई मुकाबला नहीं है. आभार.

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  3. हिमांशु

    प्रेरक कथाओं का यह ब्लॉग अब वर्डप्रेस पर ! सुन्दर भी लग रहा है यह । पहले भी मैं आपका ब्लॉग फीड रीडर से ही पढ़ता रहा ।

    अच्छी तुलना की है आपने ब्लॉगर और वर्डप्रेस की ।

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  4. रवि

    आपने कहा कि आपकी ब्लॉग सामग्री सर्वकालिक है. यह सही भी है. तो आपको इसे सर्वकालिक (मेरे कहने का आशय है कि आपके बाद) बनाने के उपाय बनाने होंगे. आपके बाद आपके इस ब्लॉग का क्या होगा? क्या इसकी होस्टिंग का व बैंडविड्थ का खर्च किसी न्यास के द्वारा या आपके वारिसों के द्वारा अबाध रूप से किया जाता रहेगा? फिर, जब आपके ब्लॉग को लाखों लोग पढ़ने लगेंगे तो इसके एक्सपोनेंशियल बैंडविड्थ यूसेज का खर्च कौन वहन करेगा?

    ये कुछ प्रश्न हैं जो मेरे जेहन में अकसर आते हैं जिनके कारण मै रचनाकार जैसे प्रकल्प के लिए डोमेन लेने की सोच नहीं पाता…

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    1. Nishant

      रवि जी, सबसे पहले तो आपको हार्दिक धन्यवाद कि आप यहाँ आये और महत्वपूर्ण कमेन्ट किया. आप वरिष्ठ ब्लौगर हैं और मैंने आपसे बहुत कुछ सीखा है.

      सच कहूँ तो मैंने इस बारे में नहीं सोचा है कि ‘मेरे बाद’ इस ब्लौग का क्या होगा. आपने इस ओर ध्यान दिलाया है तो कोई रास्ता निकालूँगा कि मेरी अनुपस्तिथि में यह ब्लौग अनवरत जारी रहे. जिस प्रकार के परिवर्तन आयेदिन हो रहे हैं, संभव है कोई मार्ग निकट भविष्य में निकल आये.

      मुझे नहीं लगता कि इस ब्लौग को पढ़नेवालों की संख्या कभी लाखों में पहुँचेगी. ईश्वर की कृपा से यदि कभी ऐसा हुआ तो उसका भी समाधान निकल ही जायेगा, मुझे विश्वास है.

      आपकी शंकाएँ जायज़ हैं. कुछ प्रश्न मेरे मन में हैं जिन्हें आपसे ई-मेल द्वारा या कभी भोपाल में मिलने पर आपके सामने रखूँगा. आभार.

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  5. उन्मुक्त

    मैं रवी जी की बात से सहमत हूं। यही कारण है कि मैंने अपना डोमेन नहीं लिया। ब्लकि बलॉगर और वर्डप्रेस दोनो पर चिट्ठा बनाया कि कम से कम एक तो चलता रहेगा। हांलकि उस अज्ञात अज्ञात मित्र का धन्यवाद जिसने मेरी चिट्ठियों का संकलन शुरू किया।
    इसका दूसरा कारण भी है। अपने डोमेन लेने पर उसमें सामग्री अपलोड करने में न केवल कुछ अधिक मुश्किल पड़ती है पर अधिक धनराशि और समय लगता है।

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  6. kshama

    असमंजस में पड़ गयी हूँ ..! आलेख से मालूमात तो बहुत मिली …ज़रूर चाहूँगी की , मेरे blogs/blog अधिकसे अधिक पढ़ा जाय ..लेकिन उसका नियोजन करना कठिन लग रहा है ! और पेमेंट के तरीकों से बिल्कुलभी वक़िफ़ नही हूँ !मेरे बाद क्या होगा,इस बात की तो चिंता नही, लेकिन मेरे रहते कैसा होगा,इसी की चिंता है! ब्लॉग से मेरी कभी आय होगी ऐसा तो लगता नही..मै लिखती हूँ,तो एक संवाद स्थापित करने के इरादे से…लेकिन जिनको आय मिलती है, वो किस तरह से मिलती है, फिलहाल तो उसकी भी जानकारी नही…!

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  7. swati

    उपयोगी जानकारी ..
    आपका ब्लॉग आज पहली बार पढ़ा , जान कर ख़ुशी हुई की आप भी मेरे हमपेशा यानि अनुवादक है , मेरा एक निवेदन है , वैसे तो आप को जानकारी होगी ही , पर फिर भी मेरे ब्लॉग में पसदीदा ब्लॉग में सूचि पर सबसे ऊपर दिया गए वेबसाइट राजभाषा कर्मी पर जरूर पंजीकरण करिए , काफी उपयोगी जानकारी मिल जाती है .

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