Posts Tagged With: Socrates

बाज़ार में सुकरात

सुकरात महान दार्शनिक तो थे ही, उनका जीवन संतों की तरह परम सादगीपूर्ण था. उनके पास कोई संपत्ति नहीं थी, यहाँ तक कि वे पैरों में जूते भी नहीं पहनते थे. फ़िर भी वे रोज़ बाज़ार से गुज़रते समय दुकानों में रखी वस्तुएं देखा करते थे. उनके एक मित्र ने उनसे इसका कारण पूछा. सुकरात [...]

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तीन छन्नियां

प्राचीन यूनान में सुकरात अपने ज्ञान और विद्वता के लिए बहुत प्रसिद्द था. सुकरात के पास एक दिन उसका एक परिचित व्यक्ति आया और बोला, “मैंने आपके एक मित्र के बारे में कुछ सुना है.” “दो पल रुको”, सुकरात ने कहा, “मुझे कुछ बताने से पहले मैं चाहता हूँ कि हम एक छोटा सा परीक्षण [...]

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सुकरात के प्रसंग

प्राचीन यूनान में डेल्फी नामक स्थान के बारे में लोग यह मानते थे कि वह विश्व के केंद्र पर स्थित है. वहां स्थित एक मंदिर के लिए यह मान्यता थी कि उस मंदिर का पुजारी (ऑरेकल) समाधिस्थ होने पर अपोलो देवता की वाणी में दिव्य सन्देश सुनाता है. एक बार किसी ने ऑरेकल से पूछा [...]

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सुकरात की पत्नी

सुकरात को पश्चिमी विद्वानों ने महान यूनानी दार्शनिक माना है, संत नहीं। दूसरी और, हम भारतवासियों ने उनमें आत्मस्थित दृष्टा की छवि देखी और उन्हें संतों की कोटि में रखा। आश्चर्य होता है कि आज से लगभग २५०० वर्ष पूर्व के संसार में सुकरात जैसा क्रन्तिकारी व्यक्तित्व हुआ जिसने मृत्यु का वरण करना स्वीकार किया [...]

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