Tag Archives: Leo Babauta
धरती पर पैर धरो धीरे
(वसंत ऋतु में) “जरा धीरे चलो मेरे भाई, धरती मैया पेट से है” – उत्तर अमेरिकी आदिवासी उक्ति अपने लोक जीवन और पारंपरिक ज्ञान से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं. पृथ्वी माता के प्रति सम्मान की अनेक कथाएं भारतीय … Continue reading
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खोखली सुरक्षा का भ्रम
कुछ दिनों पहले मेरी पिताजी से एक मसले पर बहुत कहा-सुनी हो गयी. मैं होली पर घर जानेवाला था. पिताजी ने होली के पहले घर की सफाई-पुताई कराई. घर में बहुत सा कबाड़ का सामान था जिसे निकालकर फेंकना ज़रूरी … Continue reading
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जीवन एक कविता है
“मेरा जीवन ही मेरा संदेश है” – महात्मा गाँधी हमारा जीवन ही हमारी अभिव्यक्ति है. यह बतलाता है कि हम कौन हैं. यह हमें संसार से जोड़ने वाला सेतु है. हमारी समस्त कामनाएं-वासनाएं इसमें प्रतिबिंबित होती हैं. यह हमारी उपस्थिति … Continue reading
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क्या आप अपनी पोस्टें चोरी किये जाने से नाराज़ हैं?
लियो बबौटा यह पोस्ट अंग्रेजी के अत्यंत लोकप्रिय ब्लौग ज़ेन-हैबिट्स के रचयिता लियो बबौटा द्वारा कॉपीराइट पर लिखी गई बेहतरीन पोस्ट का संपादित हिंदी अनुवाद है. ओपन सोर्स सोफ्टवेयर क्रांति के जनक रिचर्ड स्टालमैन ने कहा था – “मेरी दृष्टि … Continue reading
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