मोक्ष

samsara and nirvana

मैं शांति, आनंद और मुक्ति की बातें कर रहा हूं. जीवन की वही केंद्रीय खोज है. वह पूरी न हो तो जीवन व्यर्थ हो जाता है. कल यही कह रहा था कि एक युवक ने पूछा, “क्या सभी को मोक्ष मिल सकता है? और यदि मिल सकता है, तो फिर मिल क्यों नहीं जाता?” एक […]

Butter and Stones – पत्थर और घी

from the deep

सदियों पहले किसी पंथ के पुरोहित नागरिकों के मृत संबंधी की आत्मा को स्वर्ग भेजने के लिए एक कर्मकांड करते थे और उसके लिए बड़ी दक्षिणा माँगते थे. उक्त कर्मकांड के दौरान वे मंत्रोच्चार करते समय मिट्टी के एक छोटे कलश में पत्थर भरकर उसे एक छोटी सी हथौड़ी से ठोंकते थे. यदि वह पात्र […]

Muddy Mind And Pure Consciousness – मन और शांति

मनुष्य का मन अद्भुत है. वही संसार का और मोक्ष का रहस्य है. पाप और पुण्य, बंधन और मुक्ति, स्वर्ग और नर्क सब उसमें ही समाये हुए हैं. अन्धकार और प्रकाश उसी का है. उसमें ही जन्म है, उसमें ही मृत्यु है. वही है द्वार बाह्य जगत का, वही है सीढ़ी अंतस की. उसका ही […]

“जाओ, मैं गालियां नहीं लेता” – बुद्ध

hkd flickr buddha

प्रथम पोस्ट – प्रथम भूमिका “बहुत कुछ लिखने को, अच्छा लिखने को और पढ़ने को मन करता है. मन की यही इच्छा मुझे पहले हिंदीज़ेन तक ले गई और फिर निशांत मिश्र तक. आगे पता चला कि निशांत वही हैं जिन्होंने मेरे साथ करीब 7 – 8 साल पहले दैनिक भास्कर भोपाल में संपादकीय विभाग […]

मार्ग का ज्ञान

spirit and nature

एक समय भगवान बुद्ध श्रावस्ती में मिगारमाता के पुष्वाराम मे विहार कर रहे थे. धम्म का ज्ञान प्राप्त करने और बुद्ध को सुनने के लिये मोग्गालन नामक ब्राहमण लेखाकार भी अकसर वहां आता था. एक दिन वह कुछ जल्दी आ गया और भगवान को अकेले पाकर बोला, “भगवन, मेरे मन में यह प्रश्न उठता है […]