भगवान बुद्ध के प्रभाव में आकर वैशाली की पिंगला-गणिका अम्बपाली (आम्रपाली) एक दिन भिक्षुणी हो गई. उसने समाधि की उच्चतम अवस्था का स्पर्श किया और पूर्णता प्राप्त भिक्षुणियों में वह एक हुई. अपने निरंतर जर्जरित होते हुए शरीर में बुद्ध-वचनों की सत्यता को प्रतिफलित होते देख अम्बपाली हमारे लिए कुछ उद्गार छोड़ गयी है जो [...]
Posts Tagged ‘वृद्धावस्था’
भिक्षुणी अम्बपाली (आम्रपाली) के अद्भुत उद्गार
Posted in बौद्ध कथाएँ, tagged बुद्ध, वृद्धावस्था on अक्टूबर 18, 2009 | 3 Comments »
अपने बच्चों के लिए एक चिठ्ठी
Posted in प्रेरक लेख, tagged बचपन, वृद्धावस्था on अक्टूबर 14, 2009 | 29 Comments »
डॉ. प्रवीण चोपड़ा के ब्लॉग पर इस पोस्ट में दिखाए गए स्लाइड-शो ने सभी पाठकों को भावुक कर दिया. मेरे बच्चे अभी बहुत छोटे हैं लेकिन उनके साथ बिताए हर पल मेरी आंखों के सामने आ गए. तीन महीने पहले बुखार से तप रहे तीन साल के बेटे की दवाई लाने के लिए रात के [...]
सर्बिया की लोक-कथा : वृद्धजनों की प्राणरक्षा
Posted in लोक कथाएँ, tagged वृद्धावस्था on जून 14, 2009 | 1 Comment »
प्राचीन काल में प्रथा थी की जब कोई व्यक्ति साठ वर्ष का हो जाता था तो उसे राज्य से बाहर जंगल में भूखों मरने के लिए भेज दिया जाता था ताकि समाज में केवल स्वस्थ और युवा लोग ही जीवित रहें. एक व्यक्ति शीघ्र ही साठ वर्ष का होने वाला था. उसका एक जवान बेटा [...]




